दिल्ली एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 बीते 28 जून को छत का एक बड़ा हिस्सा गिरने के बाद से ही यात्रियों के लिए बंद था. हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है. करीब एक महीने से बंद टर्मिनल 1 आगामी 17 अगस्त से खुलने वाला है. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL), GMR एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के नेतृत्व वाला एक संघ है, जो दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन और प्रबंधन करता है. उन्होंने 17 अगस्त 2024 से नए टर्मिनल 1 के खुलने और चालू होने की घोषणा की है.
दिल्ली के टर्मिनल 1 को DIAL के फेस 3A विस्तार परियोजना के तहत विकसित किया गया है. इसी साल 10 मार्च को पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया था. DIAL ने इंडिगो और स्पाइसजेट के साथ मिलकर उड़ान संचालन को T2 और T3 से T1 पर स्थानांतरित करने की तैयारी की है. योजना के अनुसार, स्पाइसजेट 17 अगस्त से अपनी 13 उड़ानों को टर्मिनल 1 पर स्थानांतरित करेगी और इसके बाद इंडिगो 2 सितंबर से अपनी 34 उड़ानों को T2 और T3 से वापस T1 पर ले जाएगी.
DIAL के सीईओ श्री विदेह कुमार जयपुरियार का कहना है कि दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी को 17 अगस्त, 2024 से नए टर्मिनल 1 के संचालन की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. अत्याधुनिक टर्मिनल 1 से एयरपोर्ट की क्षमता में काफी वृद्धि होगी, जिससे टर्मिनल 2 और 3 पर दबाव कम हो जाएगा. टर्मिनल 1 पर यात्री बेहतर सुविधाओं और उन्नत तकनीक के साथ एक सहज यात्रा का अनुभव कर पाएंगे. इंडिगो की फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को पहली मंजिल पर एंट्री गेट 5 और 6 से नए टर्मिनल में प्रवेश करना होगा. सभी यात्रियों का आगमन ग्राउंड फ्लोर पर समर्पित अराइवल के माध्यम से होगा. DIAL ने इंडिगो और स्पाइसजेट के यात्रियों की सुविधा के लिए प्रस्थान की दिशा का संकेत देते हुए रोड पर बने निशानों के साथ रणनीतिक स्थानों पर भी साइनेज लगाए हैं.
DIAL यात्रियों की मदद करने और उन्हें इंडिगो और स्पाइसजेट के प्रस्थान का निर्देश देने के लिए RAXA गार्ड तैनात करेगा. आगमन के लिए यात्रियों को टर्मिनल से बाहर आने के लिए कॉमन अराइवल मार्ग लेना होगा. बता दें कि दिल्ली हवाई अड्डे को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए DIAL ने 2019 में विस्तार कार्य शुरू किया था. इससे यात्रियों को चेक-इन काउंटर पर लंबी कतारों से बचने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा टी-1 में ऑटोमेटेड ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (एटीआरएस), इंडिविजुअल कैरियर सिस्टम (आईसीएस), कॉमन यूसेज सेल्फ सर्विस (सीयूएसएस), एयरोब्रिज, सेल्फ बैगेज ड्रॉप (एसबीडी) कियोस्क सहित चेक-इन काउंटरों द्वारा सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए अन्य सुविधाएं भी हैं. एयरपोर्ट के टी-1 पर बैगेज रिक्लेम कैरोसेल, कई प्रवेश द्वार और बेहतर शॉप और डाइन सुविधाएं भी मिलेंगी.
टर्मिनल के अंदर यात्री शॉप और डाइन सुविधा, प्रार्थना कक्ष, योग क्षेत्र, शांत क्षेत्र, ग्रुप में बैठने की जगह, लैपटॉप चार्जिंग स्टेशन, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, सेल्फ मेडिकेशन रूम, बेबी केयर रूम, स्मार्ट वॉशरूम जैसी सुविधाओं का अनुभव कर सकते हैं. टर्मिनल 1 दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन के साथ अराइवल और एग्जिट पर अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.
इसके अलावा टी1 डीटीसी द्वारा संचालित शटल बस सेवा के माध्यम से टर्मिनल 2 और 3 से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. टर्मिनल के सिटी-साइड डेवलपमेंट में आलीशान फोरकोर्ट क्षेत्र और बेहतरीन पार्किंग सुविधाएं हैं.
पिकअप और ड्रॉप-ऑफ लेन वाहन यातायात को आसान बनाते हैं, जिससे आगमन और प्रस्थान के दौरान यात्रियों को परेशानी ना हो. 82 कोड सी स्टैंड और दोहरे टैक्सीवे की विशेषता वाले डिज़ाइन किए गए एप्रन से बेहतर एयर ट्रैफ़िक फ़्लो, तेज़ विमान टर्नअराउंड और बढ़ी हुई सुरक्षा सुनिश्चित होती है. VDGS, FHS, GPU और PCA जैसे तकनीकी चीजों से विमान का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा.