
देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं और राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी में 70 से अधिक अर्धसैनिक बलों की कंपनियां और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे.
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गणतंत्र दिवस के मौके पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी. इसके अलावा, साइबर विशेषज्ञ अधिकारियों को ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए तैनात किया जाएगा.
मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छह लेयर वाली सुरक्षा और जांच की व्यवस्था की गई है. नई दिल्ली जिले में कई हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) शामिल हैं. इसके अलावा, FRS प्रणाली से लैस चलती गाड़ियां भी सुरक्षा निगरानी में तैनात रहेंगी. ये कैमरे एक डेटाबेस से जुड़े हुए हैं, जिससे अपराधियों की तुरंत पहचान की जा सके. अधिकारी ने कहा कि 'दिल्ली पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.'
रूट सर्वे और मॉक ड्रिल्स
पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मॉक ड्रिल्स कर रही हैं. नई दिल्ली, उत्तर और मध्य जिले में करीब 4,000 छतों को सुरक्षा दृष्टि से चिन्हित किया गया है. गणतंत्र दिवस परेड के मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 500 हाई-रिजॉल्यूशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं. परेड में शामिल होने वालों को विशेष सुरक्षा स्टिकर दिए जाएंगे.
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होटलों और मॉल के सुरक्षा स्टाफ के साथ मीटिंग आयोजित की गई हैं. डीसीपी ने बताया कि रूट सर्वे, एंटी-सैबोटाज चेक और हाई-फुटफॉल इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है. दिल्ली पुलिस ने सभी जिलों के डीसीपी को सुरक्षा योजना के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई है. पुलिसकर्मी हाई अलर्ट पर रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करेंगे.