
दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को 12 जोन में बांट दिया है. जबकि चुने हुए पार्षदों से तालमेल का जिम्मा 4 नेताओं को सौंपा है. यह चारों नेता अपने जोन के पार्षदों के साथ कॉर्डिनेशन और मीटिंग करेंगे. इसके साथ ही स्थानीय निवासियों की समस्याओं को समझने के लिए अपने क्षेत्रों का दौरा करेंगे.
एजेंसी के मुताबिक AAP की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पार्टी ने दिल्ली को 12 जोन में बांटा है और चार वरिष्ठ नेताओं को तीन-तीन जोन की जिम्मेदारी दी है. पार्टी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 12 जोन इस तरह होंगे- सिविल लाइंस, रोहिणी, नजफगढ़, नरेला, केशवपुरम, पश्चिम क्षेत्र, सदर, करोल बाग, शाहदरा उत्तर, मध्य, दक्षिण और शाहदरा दक्षिण.
किस नेता को कहां की जिम्मेदारी मिली
एजेंसी के अनुसार AAP नेता आदिल खान सिविल लाइंस, रोहिणी और नजफगढ़ के प्रभारी होंगे, जबकि सौरभ भारद्वाज नरेला, केशवपुरम और पश्चिम क्षेत्र का जिम्मा संभालेंगे. वहीं, सदर, करोल बाग और शाहदरा नॉर्थ की जिम्मेदारी दुर्गेश पाठक और सेंट्रल, साउथ और शाहदरा साउथ की जिम्मेदारी आतिशी के पास होगी.
ये है AAP का प्लान!
पार्टी की ओर से कहा गया है कि एक व्यक्ति के लिए सभी पार्षदों के साथ समन्वय करना संभव नहीं था. इसलिए 4 लोगों को जिम्मेदारी दी गई है. सभी पार्षद आम आदमी पार्टी के इन चार वरिष्ठ नेताओं के सीधे संपर्क में रहेंगे और उनकी समस्याओं को हल करने में उनकी सहायता करेंगे. इसके बाद ये वरिष्ठ नेता पार्षदों की एक रिपोर्ट तैयार करेंगे. जिसके आधार पर उन्हें समितियों में शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा.
MCD की 134 सीटें आईं AAP के खाते में
यह कदम आम आदमी पार्टी ने एमसीडी चुनाव के नतीजों के बाद उठाया है. अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने 250 वार्डों में से 134 पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा ने 104 सीटें जीती हैं.
'ये चुनाव सबसे मुश्किल था'
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी के चुने हुए पार्षदों से कहा था कि ये चुनाव मेरे लिए बहुत मुश्किल था. हमारे खिलाफ कई षड़यंत्र रचे गए. पूरी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया. उसे देखते हुए ये चुनाव मेरी नजर में अबतक का सबसे मुश्किल चुनाव था. पार्षदों को नसीहत देते हुए केजरीवाल ने कहा कि ऐसा न हो कि इस बार हम बीजेपी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े हैं और अगली बार बीजेपी हमारे भ्रष्टाचार के खिलाफ चुनाव लड़े.
'सभी MLA और पार्षद मिलकर चलना'
केजरीवाल ने कहा कि MLA और पार्षद मिलकर चलना. मैं कई सारे विधायकों से मिला उनको यह डर रहता है कि हमारा टिकट ना कट जाए. किसी की टिकट नहीं कट रही, चिंता ना करो. आप सबको पता है कि हम सर्वे के आधार पर टिकट देते हैं. विधायकों की टिकट भी सर्वे के आधार पर दी और पार्षदों की टिकट भी सर्वे पर मिली.
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