
राष्ट्रीय पार्टी बनने के बाद आम आदमी पार्टी की नजर अब देश के कई राज्यों पर है. इसी के मद्देनजर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल मार्च में कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश के दौरे पर जाएंगे. केजरीवाल के चुनावी दौरे की शुरुआत 4 मार्च को कर्नाटक से होगी, फिर 5 मार्च को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे. इसके बाद वह 13 मार्च को राजस्थान और 14 मार्च को मध्यप्रदेश जाएंगे.
‘आप’ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संदीप पाठक का कहना है कि आम आदमी पार्टी कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी. AAP ने कहा कि दिल्ली और पंजाब में हमारी सरकार है. दिल्ली के बाद 2022 में पंजाब में एतिहासिक जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी. AAP ने पंजाब में 117 में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की है. दिल्ली की तरह पंजाब में भी AAP ने तत्कालीन सीएम समेत कई बड़े नेताओं को पराजित किया. वहीं, आम आदमी पार्टी का गोवा विधानसभा चुनाव में भी दो सीटों पर कब्जा किया है.
AAP ने आगे कहा कि बीते साल ‘आप’ ने बीजेपी के गढ़ गुजरात में जाकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. ‘आप’ ने गुजरात में पहली बार चुनाव लड़ा था. इसके बावजूद पार्टी को 5 सीटों पर जीत मिली और करीब 14 फीसदी वोट मिले. इसके बाद आम आदमी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी बन गई. राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के बाद AAP ने देशभर में अपना विस्तार करने का फैसला किया है, ताकि दिल्ली और पंजाब की तरह पूरे देश के लोगों को केजरीवाल के शासन मॉडल का लाभ मिल सके. आम आदमी पार्टी का लगभग सभी राज्यों में अपना संगठन बन चुका है. इस संगठन को मजबूती देने का काम तेजी से चल रहा है.'
देशभर में पहुंचाएंगे केजरीवाल की राजनीति
AAP के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य डॉ. संदीप पाठक का कहना है कि AAP का लक्ष्य अरविंद केजरीवाल की अच्छी और सच्चाई की राजनीति को देश भर में हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंचाना है. आज देश में सकारात्मक और नकारात्मक दो तरह की राजनीति है. नकारात्मक राजनीति में चुनाव के गुणा भाग, गुंडागर्दी, लड़ाई-झगड़े की गूंज है.
वहीं, अरविंद केजरीवाल की सकारात्मक राजनीति में जनता के मुद्दों, पढ़े-लिखे लोगों और स्कूल-अस्पताल की राजनीति हैं. इस राजनीति को देश की जनता पसंद कर रही है. हम इस सकारात्मक राजनीति को देश भर में घर-घर तक लेकर जाना है. AAP कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी. हम अपने संगठन को जमीनी स्तर पर लगातार मजबूत करने का काम कर रहे हैं.'
AAP 10 साल में बन गई राष्ट्रीय पार्टी
AAP का गठन नवंबर 2012 को हुआ था. गठन के बाद अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में AAP ने 2013 में दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ा और 70 में 28 सीटें जीतीं. इसके बाद 2015 में विधानसभा के चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीत कर सभी को चौंका दिया. फिर 2020 के 70 में 62 सीटों पर जीत दर्ज की.
वहीं 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी एतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 117 में 92 सीटें जीत कर सत्ता में आ गई. गोवा विधानसभा चुनाव में भी दो सीटें जीतने में कामयाब रही. नवंबर-दिसंबर में गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन ठीक रहा. इसके बाद AAP राष्ट्रीय पार्टी बन गई.
वर्तमान में AAP के पास पूरे देश में 161 विधायक हैं, जिसमें 62 विधायक दिल्ली, 92 विधायक पंजाब, 2 विधायक गोवा, 5 विधायक गुजरात में हैं. इसके अलावा 10 राज्यसभा सदस्य भी हैं. वहीं, अब दिल्ली नगर निगम में भी AAP की सरकार बन चुकी है. एमसीडी में AAP ने 250 में से 134 वार्डों में जीत हासिल की है.