
दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. दिल्ली एसीबी ने पैसे लेकर पार्षद का टिकट बेचने के आरोप में आम आदमी पार्टी विधायक के साले और पीए समेत 3 लोगों को अरेस्ट किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपी में मॉडल टाउन से AAP विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी का साला ओम सिंह, पीए विशाल पांडेय और एक अन्य आरोपी प्रिंस रघुवंशी शामिल हैं. इस गिरफ़्तारी के बाद अब सूत्रों का कहना है कि एसीबी जल्द ही आप के विधायक अखिलेश त्रिपाठी और राजेश गुप्ता से पूछताछ कर सकती है.
इस मामले में अब पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस तरह और लोगों से भी पैसे तो नहीं लिए गए. मामला आम आदमी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से जुड़ा है. एसीबी के मुताबिक इस महिला से पार्षद टिकट दिलाने के नाम पर 90 लाख रुपए मांगे गए थे. इस बाबत एसीबी के पास पैसे मांगने का ऑडियो और पैसे गिनते हुए वीडियो होने की बात भी बताई जा रही है. जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गयी है.
क्या है मामला?
यह पूरा मामला कमला नगर के वार्ड नम्बर 69 का है. जहां आप कार्यकर्ता शोभा खारी ने पार्टी से पार्षद के टिकट की मांग की थी. शोभा का आरोप है कि MLA अखिलेश पति त्रिपाठी ने टिकट दिलाने के बदले 90 लाख रुपये की मांग की थी. हालांकि इस मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 35 लाख रुपये अखिलेशपति त्रिपाठी और 20 लाख रुपये वजीरपुर MLA राजेश गुप्ता को बतौर रिश्वत दिए थे. शोभा के मुताबिक, बाकी 35 लाख रुपये टिकट में नाम आने के बाद देने थे.
लेकिन लिस्ट जारी होने के बाद जब सूची में शोभा का नाम नहीं आया तो उन्होंने इस बात की शिकायत विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी के साले ओम सिंह से की. उसने पैसे वापस करने की बात कही. शिकायतकर्ता ने बाद में इसकी शिकायत एसीबी से की और साक्ष्य के तौर पर रिश्वत देते समय रिकॉर्ड किया वीडियो भी एजेंसी को मुहैया करवाया. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया. 15 नवंबर की रात को ओम सिंह अपने साथी शिवशंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी के साथ घूस के 33 लाख रुपये लेकर शिकायतकर्ता के घर पहुंचा. यहां एसीबी ने एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में तीनों को कैश के साथ रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया.
क्या बोले सिसोदिया?
वहीं अब इस मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी यह समझ चुकी है कि वह एमसीडी चुनाव में हार रही है और आम आदमी पार्टी प्रचंड बहुमत से जीत रही है. जाहिर सी बात है कि आम आदमी पार्टी के टिकट की डिमांड भी बहुत ज्यादा थी. आम आदमी पार्टी में और आम आदमी पार्टी के आसपास रहने वाले बहुत से ऐसे लोग थे जो आम आदमी पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ना चाहते थे.
आज एनसीबी की इस कार्रवाई से आम आदमी पार्टी के लिए संतुष्टि की बात है कि अगर कोई कहीं पैसे दे रहा है या ले रहा है तो इस पार्टी में टिकट नहीं बिकता है. पूरे घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी के बारे में यह अच्छी बात सामने आ रही है. अगर किसी ने किसी से पैसे ले भी लिए और किसी ने किसी को पैसे दे भी दिए लेकिन उसे टिकट नहीं मिला. इसका अर्थ है कि आम आदमी पार्टी में टिकट नहीं बिकता है. आम आदमी पार्टी इस टेस्ट में पास हुई है. आम आदमी पार्टी में टिकट के लिए पैसे नहीं चलते हैं.
उन्होंने कहा कि जाहिर सी बात है कोई इधर-उधर अगर बोले कि मैं पैसे लेकर आम आदमी पार्टी की टिकट दिला दूंगा तो बिल्कुल यकीन मत करना. पैसे लेकर टिकट देने की बात कहने वाला आदमी सबसे बड़ा झूठा होगा. इस बात का प्रमाण आज आ गया है. सिसोदिया ने कहा कि एसीबी की कार्रवाई के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. आम आदमी पार्टी का दुरुपयोग करने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
वहीं विधायकों के नाम का जिक्र होने के सवाल पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि फिलहाल एसीबी की जांच चल रही है. ऐसे में जांच के बाद सब कुछ सामने आ जाएगा. लेकिन मुझे याद आ रहा है कि विधायकों ने भी ऐसे किसी नाम का सुझाव हमें नहीं दिया था.
आप सांसद संजय सिंह ने क्या कहा?
ACB कार्रवाई पर संजय सिंह ने बयान देते हुए कहा है कि मामले को शिकायत हुई है उसपर जांच हो. उन्होंने कहा कि दोषी को बचाने के लिए AAP कभी खड़ी नहीं होगी. जांच करने दीजिये, किसी को तंग नहीं किया जाए और कोई दोषी मिलता है तो सख्त सजा मिलनी चाहिए.
बीजेपी ने आप को घेरा
इस पूरे मामले में दिल्ली में बीजेपी अब आप सरकार को जमकर घेर रही है. इसी कड़ी में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा कि मॉडल टाउन दिल्ली के विधायक ने MCD टिकट बेचने के लिए अपने साले के माध्यम से पैसे लिये. विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी का साला और पीए दोनों को ACB ने अरेस्ट कर लिया है AAP के कई विधायकों की पैसों की डील की ऑडियो रिकॉर्डिंग ACB के पास है. इसके अलावा बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी आप सरकार पर निशाना साधा है.