
दिल्ली-NCR में प्रदूषण तेजी से बढ़ता जा रहा है. यहां की हवा लगातार खराब होती जा रही है. वायु गुणवत्ता सूचकांक यानि AQI 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया है. गुरुवार की सुबह 6 बजे तो दिल्ली में AQI गिरकर 432 पर पहुंच गया था. बिगड़ती स्थिति को देखते हुए एमिकस क्यूरी ने आज सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण का मुद्दा उठाया, जिस पर SC ने इस मामले पर 18 नवंबर को सुनवाई की बात कही.
एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने लगातार खतरनाक हो रही दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति के बारे में सुप्रीम कोर्ट को बताया. उन्होंने कहा कि आज हम गंभीर स्थिति में हैं. सरकार ने अभी तक कोई कारगर उपाय नहीं किया है. अपराजिता सिंह ने कहा,'सरकार की तरफ से कुछ भी नहीं किया गया है. हमें दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं बनना है.' इस पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 18 नवंबर को मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई.
सबसे ज्यादा पॉल्यूशन कंट्रीब्यूटर रहीं गाड़ियां
बता दें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए केंद्र की निर्णय सहायता प्रणाली के मुताबिक वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदानकर्ता था, जिसकी अनुमानित हिस्सेदारी लगभग 13.3 प्रतिशत रही. दिल्ली में आज भी धुंध रहने का अनुमान है और प्रदूषण से राहत नहीं मिलने वाली है. पूरे दिन हवा की गति शांत रहने की उम्मीद है. इस सप्ताहांत या अगले सप्ताह की शुरुआत तक न्यूनतम तापमान भी 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरने की संभावना है और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है.
कैसे होता है प्रदूषण का निर्धारण
प्रदूषण का निर्धारण एक्यूआई के जरिये किया जाता है. बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच को 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच को 'मध्यम', 201 से 300 के बीच को 'खराब', 301 से 400 के बीच को 'बहुत खराब', 401 से 450 के बीच को 'गंभीर' और 450 से ऊपर को 'गंभीर प्लस' माना जाता है.