
दिल्ली की आम आदमी पार्टी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों ने चौतरफा शिकंजा कस दिया है. पहले मंत्री सत्येंद्र जैन और अब डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जांच के दायरे में आ गए हैं. सीबीआई ने दो दिन पहले सिसोदिया के घर पर छापा मारा और 14 घंटे तक तलाशी ली. आरोप है कि दिल्ली सरकार ने शराब घोटाला किया है. इसके तार सिसोदिया से जुड़े बताए जा रहे हैं. ऐसे में अब AAP ने भी केंद्र सरकार की घेराबंदी की तैयारी शुरू कर दी है.
आम आदमी पार्टी के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से एक ट्वीट किया गया है. इसमें सीधे तौर पर केंद्र सरकार को घेरा गया है. इसके साथ ही पीएम मोदी पर तंज कसा है. AAP ने जो पोस्टर शेयर किया है, उसमें एक बच्ची पार्क में बैठकर पढ़ रही है. जबकि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पीछे घुटनों के बल बैठे हैं और एक हाथ से बच्ची को कलम दे रहे हैं तो दूसरे हाथ में एक छाता लिए हैं.
'अच्छी शिक्षा देने से नहीं रोक पाओगे मोदीजी'
सिसोदिया के इस छाते पर दिल्ली एजुकेशन मॉडल लिखा है. इसमें केंद्रीय जांच एजेंसियों के तीर लगे देखे जा रहे हैं. जबकि कुछ तीर जमीन पर पड़े हैं. दो तीर सिसोदिया के दोनों घुटनों में लगे दिख रहे हैं. इस पोस्टर पर AAP ने कैप्शन में लिखा है- 'देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देने से हमें नहीं रोक पाओगे मोदी जी.'
'जिस दिन तारीफ छपी, उसी दिन सिसोदिया के घर रेड'
दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल लगातार सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में जिस दिन दिल्ली के स्कूलों की तारीफ में रिपोर्ट छपी, उसी दिन केंद्र सरकार ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई की रेड करवाई है. सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि जिस दिन न्यूयॉर्क टाइम्स के फ्रंट पेज पर दिल्ली शिक्षा मॉडल की तारीफ करते हुए मनीष सिसोदिया की तस्वीर छापी गई, उसी दिन केंद्र सरकार ने मनीष के घर CBI भेज दी.
बता दें कि न्यूयॉर्क टाइम्स के इंटरनेशनल वर्जन के फ्रंट पेज पर आम आदमी पार्टी सरकार के शिक्षा मॉडल को लेकर एक रिपोर्ट छपी है. उस रिपोर्ट को 'अवर चिल्ड्रन आर वर्थ इट' शीर्षक दिया गया है. न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए इस रिपोर्ट को एक दिल्ली बेस्ड पत्रकार करण दीप सिंह ने लिखा है.
दिल्ली के स्कूलों के हालात बदल रहे हैं...
रिपोर्ट में लिखा है कि भारत में जहां लाखों परिवार गरीबी दूर करने के लिए शिक्षा की ओर देख रहे हैं, वहां के स्कूलों की लंबे समय से जर्जर इमारतों, कुप्रबंधन, खराब शिक्षा और यहां तक कि दूषित लंच देने वाली रेपुटेशन रही है, लेकिन आज हालात बदल गए हैं. जहां दिल्ली के सरकारी स्कूलों में साल 2014 में 10वीं और 12वीं के बच्चों के पास होने का आंकड़ा 89 और 82 परसेंट थे, वो पिछले साल पूरा 100 फीसदी रहा.