
देश के गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव (India Today Conclave) में शिरकत की. इसमें उन्होंने सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं पर बात की. साथ ही विपक्ष के हमलों और आरोपों का भी जवाब दिया. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला.
सवाल था- राहुल गांधी का आरोप है कि बीजेपी जाति आधारित गणना नहीं करा रही है. साथ ही जितने आईएएस अधिकारी हैं या बड़े अधिकारी हैं, उनमें अपर कास्ट की संख्या अधिक है. दलितों, पिछड़ों को उतना मौका नहीं मिलता है.
इस पर अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को कुछ लोग चिट्ठी लिखकर पकड़ा देते हैं और वो बोलते रहते हैं. देश का प्रधानमंत्री ओबीसी है, वो इनको दिखाई नहीं देता. देश की कैबिनेट में 27 मंत्री ओबीसी हैं, वो भी दिखाई नहीं देता और वो ज्वाइंट सेक्रेटरी गिनने में लगे हुए हैं.
'ये सारा गणित तेरे दादा-परदादाओं का है'
अमित शाह ने कहा, ज्वाइंट सेक्रेटरी की आयु सीमा करीब 52 साल होती है. राहुल भैया 52 साल पहले हम भर्ती नहीं करते थे. आप (कांग्रेस) भर्ती करते थे. उनको (राहुल गांधी) मालूम ही नहीं कि वो क्या बोल रहे हैं. ये सारा गणित तेरे दादा-परदादाओं का है. हमने नहीं किया है'.
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गृह मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा, मैं सवाल पूछता हूं कि इनकी इतनी बार सरकारें रहीं, कभी ओबीसी पीएम बनाया क्या. मैं तो उनको (राहुल गांधी) सलाह दे नहीं सकता क्योंकि अलग पार्टी के नेता हैं. मगर, जो चिट्ठी उनको दी जाती है, उसको क्रॉस चेक किया करें.
कॉन्क्लेव में अमित शाह ने सीएए और एनआरसी पर भी बात की. एनआरसी को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा, इसका जवाब वो चुनाव के बाद देंगे. मैंने कभी नहीं कहा कि एनआरसी आएगा. मैंने कहा है कि इसका जवाब चुनाव के बाद दूंगा.
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उन्होंने कहा, मैं साफ कर देना चाहता हूं कि सीएए और एनआरसी दोनों अलग-अलग हैं. इसमें नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है. इस देश के अल्पसंख्यक को विपक्ष भड़का रहा है. मैं मुस्लिम भाइयों से निवेदन करता हूं कि इनकी बात मत मानिए. सीएए से किसी की भी नागरिकता नहीं जा सकती. जो शरणार्थी आए हैं, उन्हें नागरिकता दी जाएगी.