
दिल्ली में आर्ट एग्जीबिशन 'साइलेंट कन्वर्सेशन: फ्रॉम मार्जिन्स टू द सेंटर' के दूसरे संस्करण का शनिवार को दूसरा दिन था. इस एग्जीबिशन का आयोजन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने सांकला फाउंडेशन, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के सहयोग से किया गया है, जिसमें बढ़-चढ़कर के लोगों ने हिस्सा लिया.
दो दिन पहले इस प्रदर्शनी का उद्घाटन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया था. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत की विकास यात्रा पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे से गहराई से जुड़ी हुई है. उन्होंने विभिन्न पहलों के माध्यम से अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी दी. एस जयशंकर ने कहा, 'अंत्योदय योजना का मूल उद्देश्य हाशिए पर खड़े समुदायों का उत्थान करना है. यह योजना सुनिश्चित करती है कि भारत की विकास यात्रा में कोई भी समुदाय पीछे न छूटे.'
इस एग्जीबिशन से जुड़ीं सदस्य दिशा नेइस ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मकसद हमारे आदिवासी समाज की कहानी को दुनिया के सामने लाना है. उन्होंने कहा कि इस आर्ट एग्जीबिशन के जरिए आदिवासी समाज की कहानी को हमने लोगों के सामने लाने की एक छोटी सी कोशिश की है. देश के अलग-अलग हिस्सों से ट्राइबल आर्ट को इस एग्जीबिशन में प्रदर्शित किया गया है.
एग्जीबिशन को देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से ट्राइबल समाज के लोग भी दिल्ली पहुंचे. इस अवसर पर, 'हिडेन ट्रेजर्स: इंडियाज हेरिटेज इन टाइगर रिजर्व्स' नामक पुस्तक और 'बिग कैट्स' नामक पत्रिका का भी विमोचन किया गया.