
वित्त मंत्री आतिशी ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 प्रस्तुत किया. आतिशी ने कहा कि, पिछले कुछ समय से जब सदन चल रहा है तो हम रोज इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं कि कैसे जल बोर्ड, अस्पतालों, मोहल्ला क्लीनिक के काम को, फरिश्ते स्कीम को रोक दिया गया. केजरीवाल सरकार के लिए साल 2023-24 एक ऐसा साल रहा है, जहां केंद्र सरकार ने, उनके एलजी साहब ने और उनकी धमकियों के माध्यम से दिल्ली सरकार के अफसरों ने केजरीवाल सरकार के कामों को रोकने की कोई भी कसर नहीं छोड़ी है.
उन्होंने कहा कि 8 साल के कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कहा केंद्र सरकार के पास लैंड, लॉ एंड आर्डर और पुलिस के अलावा सारी शक्तियां दिल्ली की चुनी हुई सरकार पास रहेंगी. लेकिन केंद्र सरकार केजरीवाल सरकार की ताकत छीनने के लिए 8 दिन के भीतर एक अध्यादेश के माध्यम से नया कानून लेकर आई और दिल्ली की चुनी हुई सरकार की सारी शक्ति छीनकर एलजी साहब को दे दी. इस साल दिल्ली सरकार के अफसरों को बार-बार डराया गया, धमकाया गया. उन्हें धमकियां दी गईं कि चुनी हुई सरकार के काम किए तो सस्पेंड कर देंगे, विजिलेंस जांच बैठा देंगे और कई अफसरों के साथ ऐसा किया भी, जिससे अफसरों के मन में भय बैठ गया. न सिर्फ अफसरों बल्कि हमारे विधायकों-मंत्रियों पर सीबीआई-ईडी ने केस किए.
'पिछले 1 साल में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय बढ़ी'
वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि, ये साल एक ऐसा साल रहा जहां केजरीवाल सरकार के काम रोकने की हर संभव कोशिश हुई लेकिन फिर भी ये आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े दिखा रहे हैं कि पिछले 1 साल में हर षड्यंत्र और बाधाओं के बावजूद दिल्ली की अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड गति के साथ बढ़ी है. ये आर्थिक सर्वेक्षण दिखा रहा है कि पिछले 1 साल में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, दिल्ली सरकार का राजस्व बढ़ा है और लगातार हर साल की तरह केजरीवाल सरकार का बजट मुनाफे में रहा है.
उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार और उनके एलजी साहब ये जान लें, वे चाहे जितनी कोशिश कर लें, केजरीवाल रुकेगा नहीं, केजरीवाल झुकेगा नहीं'. वित्त मंत्री ने कहा कि दिल्ली की जीएसडीपी 2022-23 की तुलना में 2023-24 के दौरान 9.17% की वृद्धि के साथ ₹11,07,746 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है. 2022-23 में दिल्ली की जीएसडीपी 10,14,000 करोड़ थी. कोविड के बाद के समय में, हमारा वास्तविक जीएसडीपी 2021-22 में 8.76% और 2022-23 में 7.85% की दर से बढ़ा, जो देश के बाकी राज्यों की तुलना में काफी आगे है.
राष्ट्रीय स्तर से आधी है दिल्ली में महंगाई दर: आतिशी
उन्होंने कहा कि दिल्ली में देश की का 1.5% आबादी रहती है, जबकि देश की जीडीपी में दिल्ली का लगभग 4% का योगदान है. साथ ही दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 2021-22 में ₹3,76,217 थी, जो 2023-24 में बढ़कर ₹4,61,910 हो गई. यानी पिछले 2 वर्षों में 22% बढ़ी है. दिल्ली की प्रतिव्यक्ति आय में रिकॉर्ड वृद्धि तो हुई ही है साथ ही, आज दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश के प्रति व्यक्ति आय की 2.5 गुणा है. देश में महंगाई दर 2023 में 5.65% था, लेकिन केंद्र सरकार के ही आंकड़े दिखाते है कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार में महंगाई दर सबसे कम है. जब राष्ट्रीय महंगाई दर (जनवरी से दिसंबर 2023) में 5.65% थी, तब दिल्ली में महंगाई दर 2.81% थी.
आतिशी के मुताबिक दिल्ली में बेरोजगारी दर घटकर 1.9% पर पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि आज देश में एकमात्र दिल्ली सरकार ऐसी है जो मुनाफे में चलती है. 2021-22 में दिल्ली ने 3,270 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज किया; जो 2022-23 में बढ़कर 14,457 करोड़ हो गया. आतिशी के मुताबिक, दिल्ली सरकार लोगों को मुफ्त बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, महिलाओं के लिए बस यात्रा, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्राएं देती है. इसके बावजूद भी राजस्व अधिशेष (इकोनॉमी सरप्लस) के साथ दिल्ली एक बढ़ती अर्थव्यवस्था है.