
राजधानी नई दिल्ली में सक्रिय एक गैंग एटीएम मशीन से कार्ड रीडर ही गायब देता है और फिर मदद के नाम पर लोगों के अकाउंट को खाली कर देता है. शातिर बदमाशों के इस गैंग की जानकारी पुलिस को तब मिली जब दक्षिणी दिल्ली के गौतम नगर इलाके में इन बदमाशों को एटीएम मशीन में छेड़छाड़ करते लोगों ने देख लिया. जब लोगों ने पकड़ने की कोशिश की तो एक बदमाश ने पिस्टल निकाल ली और हवा में गोली चला दी, जिसकी वजह से लोग पीछे हट गए और बदमाश भाग निकले.
दिल्ली पुलिस को 19 अप्रैल की शाम 7 बजे ही गौतम नगर से लोगों ने फोन करके वारदात की जानकारी दी. जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो पता लगा कि कुछ लोगों ने एटीएम से छेड़छाड़ करने की कोशिश की. वहां मौजूद लोगों की जब नजर पड़ी तो उन्होंने ऐसा करने की वजह पूछी. इसके बाद बदमाश भागने लगे. जब पब्लिक ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो एक बदमाश ने हवा में गोली चला दी. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने सबसे पहले एक तो एटीएम मशीन के अंदर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इसके अलावा बदमाशों के आने-जाने के रास्ते को भी पुलिस ने ट्रैस किया और कई जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. सीसीटीवी फुटेज जांच करने पर पुलिस को पता चला कि इस वारदात में कुल तीन बदमाश शामिल थे.
तीनों पहले तो पैदल भागे, उसके बाद इन्होंने एक ऑटो रिक्शा लिया, और उसके बाद यह एक कार से फरार हो गए थे. पुलिस ने जब कार के नंबर से एड्रेस को बारे में पता किया तो पता चला कि वह एड्रेस जाली है. लेकिन इसी नंबर और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
बदमाशों की पहचान, अरेस्ट और बरामदगी
पकड़ में आए तीनों बदमाशों के नाम विशाल नेगी, अमित मेहरा और विजय कुमार है. इन सब के खिलाफ पहले भी इसी तरह के मामले दर्ज थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से एटीएम मशीन में सेंध लगाने के काम में आने वाले औजार और पांच कार्ड भी बरामद किया है. इसके अलावा वो पिस्टल भी बरामद कर ली, जिससे बदमाशों ने गौतम नगर में गोली चलाई थी.
अपराध करने का तरीका
यह तीनों बदमाश बेहद शातिर थे. एटीएम मशीन का कार्ड रीडर गायब कर देते थे. कार्ड रीडर गायब होने के बाद जो भी पहले पैसे निकालने पहले आता और अपना एटीएम कार्ड मशीन में डालता तो कार्ड रीड न होने की वजह से मशीन के अंदर ही फंस जाता था. फिर बदमाशों में से एक मदद के नाम पर आगे आता और कहता कि पिन डालेंगे तो यह कार्ड वापस बाहर आ जाएगा. जब कस्टमर पिन डालता तो यह पिन याद कर लेते. लेकिन कार्ड बाहर नहीं निकलता. फिर बदमाश कस्टमर को बैंक जाकर शिकायत करने के लिए कहते. जैसे ही कस्टमर एटीएम मशीन के कक्ष से बाहर निकलता, फिर कार्ड डिटेल डालकर बदमाश पूरा अकाउंट खाली कर देते थे.
डीसीपी साउथ अंकित चौहान के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने जानबूझकर भागने के लिए अलग-अलग ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया था ताकि पुलिस को गुमराह कर सकें. साथ में डीसीपी ने सलाह दी कि लोगों को एटीएम में मदद से पहले बेहद सावधान रहना चाहिए. खासतौर से जिन एटीएम में गार्ड न हो, जहां तक हो सके अनजान लोगों से मदद न लें.