
रमजान के मौके पर दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार के बीच सकारात्मक पहल की एक तस्वीर इफ़्तार कार्यक्रम के दौरान देखनी मिली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को चाणक्यपुरी के नेहरू पार्क में इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया था, जहां नेता विपक्ष विजेंदर गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खजूर खिलाते नज़र आ रहे हैं.
मनीष सिसोदिया की ओर से आयोजित इफ़्तार पार्टी में अरविंद केजरीवाल मुख्य अतिथि थे. इफ्तार पार्टी में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, सुशील गुप्ता और विधायकों के अलावा बीजेपी के विधायक विजेंद्र गुप्ता, ओपी शर्मा भी पहुंचे. इफ़्तार के लिए सजाई गई टेबल के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मंत्री और विपक्ष के विधायक साथ-साथ इफ़्तार करते नज़र आये.
इफ़्तार के दौरान अरविंद केजरीवाल ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाक़ात की. मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "रमजान के पाक महीने में बहुत बहुत शुभकामनाएं. ऊपर वाले से दिल्ली और देश की सलामती के लिए दुआ मांगता हूं."
'आजतक' ने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि क्या दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच काम-काज को लेकर अब सकारात्मक पहल होगी? जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "चुनाव के नतीजे आने के बाद मैंने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दी थी और उम्मीद जताई कि मिलकर दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगे."
मीडिया से हो रही बातचीत के दौरान नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता भी अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े थे. विजेंदर गुप्ता ने कहा कि "ये राजनीति से दूर एक कार्यक्रम है, सभी से प्यार मोहब्बत से मिलने का मौका है. इससे राजनीति से न जोड़ें, और हमको रमजान के मौके पर अंतरात्मा से बात करने का मौका दें."
हालांकि जब अरविंद केजरीवाल के साथ ही मौजूद विजेंद्र गुप्ता से जब 'आजतक' ने सवाल किया कि क्या दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच कैसे तालमेल होगा? जवाब में गुप्ता ने कहा कि "मैं पहले दिन से अरविंद केजरीवाल को कह रहा हूं कि दिल्ली के भले के लिए वो झगड़ा छोड़ दें, मिलकर चलने से दिल्ली का भला होगा लेकिन ये उनकी साज़िश तो नही रणनीति ज़रूर है. हालांकि काफी देर कर दी लेकिन अब भी समय है."
आपको बता दें कि 2015 में दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद से ही राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार में टकराव रहा है. हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोबारा चुने जाने के बाद सरकार भी सकारात्मक पहल से कामकाज निपटाना चाहती है. ऐसे में देखना होगा कि आम आदमी पार्टी और बीजेपी विधायकों का साथ आकर संदेश देना, क्या वाकई दिल्ली वालों की भलाई का हथियार बनेगा.