
रेलवे भर्ती परीक्षा में हेरफेर कर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेकर एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने के मामले में सीबीआई ने तीन रेलवे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह मामला रेलवे की सतर्कता विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में तैनात गुड्स ट्रेन मैनेजर राजेंद्र कुमार मीणा, सहायक टीआरडी हेल्पर सपना मीणा, टेक- II चेतराम मीणा और एक निजी व्यक्ति लक्ष्मी मीणा को इस घोटाले में आरोपी बनाया है.
कैसे हुई हेराफेरी?
सीबीआई के अनुसार, सपना मीणा और अन्य आरोपियों ने मिलकर एक उम्मीदवार को रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए परीक्षा में धांधली की. इस दौरान लक्ष्मी मीणा नाम की महिला ने असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा दी. सीबीआई के अनुसार, 'इस मामले में फर्जी पहचान पत्र, नकली तस्वीरें और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया.'
सीबीआई ने राजस्थान के कोटा और सवाई माधोपुर में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की है. इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. जांच एजेंसी मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.