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दिल्ली के बुराड़ी पुलिस स्टेशन में CBI की रेड, दो पुलिस अधिकारियों को 10 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा

सीबीआई ने दिल्ली के बुराड़ी पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को दस लाख की रिश्वत लेते पकड़ा है. सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया. पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर संदीप अलाहवत और सब इंस्पेक्टर भूपेश को गिरफ्तार किया गया है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
अरविंद ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:00 PM IST

सीबीआई ने दिल्ली के बुराड़ी पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को दस लाख की रिश्वत लेते पकड़ा है. सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया. पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर संदीप अलाहवत और सब इंस्पेक्टर भूपेश को गिरफ्तार किया गया है. एक केस में छोड़ने के लिए इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर ने 1 करोड़ रुपए मांगे थे. दोनों पीड़ित से 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहे थे. उन्होंने पीड़ित से कहा कि यह पैसा उन्हें जांच से बचाएगा.

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पिछले सप्ताह, सीबीआई की मुंबई यूनिट ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में उत्तर प्रदेश स्थित रेल-कोच निर्माण इकाई में कार्यरत दो रेलवे अधिकारियों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. सीबीआई ने मेडिकल और फार्मेसी उत्पादों की आपूर्ति करने वाली मुंबई की एक फर्म के प्रमोटर द्वारा दायर की गई शिकायत पर कार्रवाई की.

मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली के चीफ डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट (सीडीएमएस) और वार्ड ऑफिसर तथा एक निजी व्यक्ति सहित आरोपियों ने शिकायतकर्ता से उसकी कंपनी द्वारा आपूर्ति की गई खेप को मंजूरी देने के लिए 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी और स्वीकार की.

सीबीआई ने एक बयान में कहा, 'आरोप लगाया गया कि मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ), रायबरेली के आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता की ट्रेडिंग फर्म जिसका कार्यालय प्रभादेवी मुंबई में है, उसके द्वारा आपूर्ति की गई वस्तुओं (सुरक्षा चश्मे) को मंजूरी देने के लिए एमसीएफ, रायबरेली द्वारा जारी ऑनलाइन टेंडर के जवाब में रिश्वत मांगी. उक्त खरीद आदेश के अनुपालन में शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर पहले एमसीएफ को वस्तुओं की थोक आपूर्ति भेजी थी.

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कथित तौर पर आरोपी ने शिकायतकर्ता को कई बार फोन किया और उसकी सामग्री को मंजूरी देने के लिए रिश्वत मांगी. हालांकि, शिकायतकर्ता ने उनकी मांग को नज़रअंदाज़ किया, जिसके बाद उन्हें अस्वीकृति पत्र दिया गया.

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