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Delhi Pollution: बुधवार से फिर हवा की क्वालिटी गिरने का अलर्ट, जानिए क्यों बढ़ेगा खतरा

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर सुबह ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. हालांकि, एजेंसियों ने अगले कुछ दिनों में हवा की दिशा में बदलाव और गति में कमी की वजह से इसमें और गिरावट की संभावना व्यक्त की है.

Delhi Air Pollution Delhi Air Pollution
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST
  • दिल्ली में एक्यूआई का 24 घंटे का औसत 244 दर्ज किया गया
  • आने वाले दिनों में हवा के और खराब होने का अनुमान

दिल्ली में एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण ने सरकारों की टेंशन बढ़ा दी है. सरकारी एजेंसियों के मुताबिक अगले कुछ दिन में हवा की दिशा में बदलाव और गति में कमी की वजह से हवा की गुणवत्ता में और गिरावट हो सकती है और इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में आ सकता है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी कर्ता ‘सफर’ ने कहा कि हवा की दिशा में बदलाव और हवा की रफ्तार में कमी आने की वजह से बुधवार को AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में आ सकता है.

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दिल्ली में एक्यूआई का 24 घंटे का औसत 244 दर्ज किया गया. इससे पहले रविवार को यह 254, शनिवार को 287, शुक्रवार को 239 और गुरुवार को 315 दर्ज किया गया, जो 12 फरवरी (एक्यूआई 320) के बाद से सबसे खराब था. बता दें कि वायु गुणवत्ता शून्य से 50 के बीच ‘अच्छी’, 51 से 100 तक ‘संतोषजनक’, 101 से 200 तक ‘मध्यम’, 201 से 300 तक ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ मानी जाती है.

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने आने वाले दिनों में हवा के और खराब होने का अनुमान जताया है. साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों से ऐसे तापीय ऊर्जा संयंत्रों को बंद करने के लिए तैयार रहने को कहा है जो 2015 में तैयार मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं. प्राधिकरण के प्रमुख भूरे लाल ने दोनों राज्यों की सरकारों से थर्मल पावर संयंत्रों को बंद करने की तैयारियों की समीक्षा करने और इसकी जानकारी ईपीसीए को देने के लिए कहा.

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इसके अलावा प्राधिकरण ने दोनों राज्यों को कड़ाके की सर्दियों के दौरान आवश्यक बंद का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की भी जानकारी देने को कहा है. इधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिल बैठकर पराली का हल निकलाने की अपील की है. केजरीवाल ने एक बार फिर पराली को प्रदूषण की बड़ी वजह बताया. साथ ही सलाह दी कि प्रकाश जावड़ेकर को प्रदूषण पर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के साथ हर महीने बैठक करनी चाहिए और पराली का समाधान निकालना चाहिए.

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दिल्ली में प्रदूषण को लेकर केजरीवाल सरकार की मीटिंग का दौर जारी है. इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बार फिर दिल्ली में ऑड इवेन लागू करने के संकेत दिए हैं. दिल्ली सरकार सरकार 'रेड लाइट जली, गाड़ी बंद' अभियान पर ध्यान दे रही है. 21 अक्टूबर  से ग्राउंड लेवल पर इस अभियान की शुरूआत होगी. जिसमें लोगों से रेड लाइट ऑन होने पर गाड़ियां बंद करने की अपील की जाएगी. गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए शहर में 2,500 पर्यावरण मार्शल तैनात किए जाएंगे. ये मार्शल दिल्ली के 11 जिलों में 100 यातायात सिग्नल पर तैनात होंगे.  

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केजरीवाल ने कहा, 'मेरा मानना है कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण पर बहुत कम समय में काबू पाया जा सकता है. लेकिन ऐसा करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी दिखाई देती है.' ‘सफर’ ने कहा कि दिल्ली में पीएम 2.5 तत्वों में खेतों में पराली जलाने की हिस्सेदारी सोमवार को 10 प्रतिशत रही जहां हरियाणा, पंजाब और पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलाने की 1,090 घटनाएं दर्ज की गईं.

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