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प्लास्टिक कचरा जलने से फैल रहा सबसे ज्यादा प्रदूषण! IIT कानपुर के प्रोफेसर का दावा

कानपुर आईआईटी के सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर सच्चिदानंद त्रिपाठी ने एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें बताया है कि दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा सोर्स प्लास्टिक कचरा जलना है.

Delhi Pollution Delhi Pollution
रंजय सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 19 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और आस-पास के इलाके में हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर आईआईटी कानपुर के सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर सच्चिदानंद त्रिपाठी ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट को उन्होंने सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड को भेजा है. इससे पहले भी कानपुर आईआईटी ने 2013 में दिल्ली के बढ़े प्रदूषण पर एक रिपोर्ट तैयार की थी लेकिन 11 साल बाद मौसम और व्यवस्था में काफी परिवर्तन आया है, इसलिए कानपुर आईआईटी के सीनियर प्रोफेसर ने दोबारा एक रिपोर्ट तैयार की है. कानपुर आईआईटी में कोटक स्कूल ऑफ सेस्टबिल्टी कानपुर आईआईटी के डीन डॉ सच्चिदानंद त्रिपाठी का कहना है कि दिल्ली में जो प्रदूषण फैलाने वाले तत्व हैं उनका जलना लगातार जारी है सबसे ज्यादा पॉल्यूशन प्लास्टिक कचरे के जलने से होता है.

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प्लास्टिक जलने से हो रहा सबसे ज्यादा प्रदूषण
जबकि पिछले सालों की तुलना में पराली कम जलाई गई है फिर भी पॉल्यूशन का स्तर काफी बढ़ा हुआ है. उनका कहना है कि नासा के रिकॉर्ड में भी लाहौर और इस्लामाबाद में भी पॉल्यूशन दिल्ली से ढाई गुना ज्यादा है. वहां की हवाएं इधर आ रही हैं. जिससे दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहा है, लेकिन दिल्ली में जो लगातार पॉल्यूशन बढ़ाने वाले तत्व जलाए जा रहे हैं, उससे पॉल्यूशन ज्यादा बढ़ रहा है.

उनका कहना है कि इसकी रोकथाम के कुछ उपाय भी हमने अपनी रिपोर्ट में तैयार किए हैं, जो हमने बोर्ड को सौंप दिए हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वेस्ट और प्लास्टिक जलने से सबसे ज्यादा पॉल्यूशन बढ़ रहा है. 11 साल पहले जो रिपोर्ट तैयार की गई थी उसमें कुछ सोर्स बताए गए थे लेकिन अब उसकी तुलना में जनसंख्या भी काफी बढ़ी है और पॉल्यूशन के कारण भी बहुत बढ़ गए हैं.

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दिल्ली के कई इलाकों का AQI 500 पार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और आस-पास के इलाके में हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. वायु प्रदूषण के बढ़ते लेवल के बीच, ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य स्थगित करने सहित नियंत्रण उपायों के बावजूद मंगलवार सुबह AQI का फीगर 500 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली के पंजाबी बाग, पूसा, रोहिणी, शादीपुर, सोनिया विहार, विवेक विहार, वजीरपुर, अलीपुर, आनंद विहार, बवाना, जहांगीरपुरी, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नरेला, नेहरू नगर और प्रतापगंज जैसे इलाकों में AQI का स्तर 500 तक पहुंच गया है. बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू ने ऑनलाइन क्लासेज का ऐलान किया है.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण की वजह से शिक्षण संस्थानों पर भी बुरा असर पड़ रहा है. दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू में ऑनलाइन क्लासेज चलाने का फैसला लिया गया है. दिल्ली विश्वविद्यालय में 23 नवंबर तक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 22 नवंबर तक ऑनलाइन क्लासेज चलेंगी. 

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