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सिंगापुर नहीं जा पाए अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार ने केंद्र को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिंगापुर नहीं जा पाने पर दिल्ली सरकार की ओर से बयान जारी किया गया है. इस बयान में केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है. मुख्यमंत्री की ओर से इसके लिए यात्रा की फाइल 7 जून को ही भेज दी गई थी. उपराज्यपाल ने 21 जुलाई को फाइल वापस की, तब तक काफी देर हो चुकी थी.

अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
पंकज जैन/हिमांशु मिश्रा/कुमार कुणाल
  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंगापुर नहीं जा पाए. उपराज्यपाल और केंद्र सरकार से जरूरी अनुमति मिलने में बहुत समय लग गया, जिसके चलते औपचारिकताएं पूरी करने का समय ही निकल गया. दिल्ली सरकार ने इसके लिए औपचारिक बयान जारी कर केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है.  

दिल्ली सरकार के बयान में बताया गया कि 20 जुलाई तक सिंगापुर यात्रा की औपचारिकताएं पूरी करनी थी, जबकि उपराज्यपाल ने 21 जुलाई को फाइल लौटाई. मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा पर दिल्ली सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यदि सिंगापुर में आयोजित होने जा रहे वर्ल्ड सिटी समिट में नहीं जा पा रहे हैं और इसकी वजह से दिल्ली के साथ-साथ देश को अपमानित होना पड़ा है तो इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ केंद्र सरकार है. 

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दिल्ली सरकार द्वारा बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री की यात्रा की अनुमति संबंधी फाइल उपराज्यपाल (एलजी) को 7 जून को ही भेज दी गई थी. एलजी करीब डेढ़ माह तक चुप बैठे रहे और 21 जुलाई को फाइल वापस लौटा दी. तब तक न सिर्फ काफी विलंब हो चुका था, बल्कि यात्रा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने की 20 जुलाई तक की समय सीमा भी ख़त्म हो चुकी थी. इससे साफ है कि केंद्र सरकार की मंशा मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में हुए विश्वस्तरीय कामकाज के बारे में बताने से रोकने की थी. केंद्र सरकार की मंशा बेशक पूरी हुई हो, लेकिन इससे देश को वैश्विक समुदाय के बीच जिस तरह से नीचा देखना पड़ा है, उसके जिम्मेदार भी वही है.  

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अनुमति न मिलने पर सीएम अरविन्द केजरीवाल

"...कोई बात नहीं. उन्होंने ना किया ना सही. वे भी खुश रहें, हम भी खुश हैं. पूरी दुनिया में यह बात फैल रही है. जितने भी डिग्निटरीज आते हैं, यूएन के फॉर्मर सेक्रेट्री जनरल आए, स्वीडन और नॉर्वे के फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर आए, मिलेनिया ट्रंप आईं. बात तो फैल रही है. अच्छा होता अगर मैं जाता और दुनिया के सामने अपनी बात रख पाता, जो अच्छा काम हो रहा है, वह रख पाता. लेकिन अगर नहीं हुआ तो कोई बात नहीं, मैं इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा."
 

उपराज्यपाल ने नहीं दी केजरीवाल को अनुमति 

इस पूरे विवाद पर एलजी वीके सक्सेना ने सिर्फ ये कहा है कि केजरीवाल जिस बैठक का हिस्सा बनना चाहते हैं, वो मेयरों की है, वहां पर किसी भी मुख्यमंत्री की जरूरत नहीं है. इसी वजह से सीएम अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर दौरे की मंजूरी नहीं दी गई है. एलजी ने इस बात पर भी जोर दिया है कि सिंगापुर में होने जा रही बैठक में Urban Governance के अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होनी है. दिल्ली में ये सारा काम NDMC, MCD और DDA देखता है. इसी वजह से एलजी मानते हैं कि मुख्यमंत्री का उस बैठक में शामिल होना गलत उदाहरण सेट करेगा. 

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