
वक्फ बिल को लेकर जेपीसी की मीटिंग में मंगलवार को भी हंगामा जारी है. दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल को एक और पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने तक दिल्ली वक्फ बोर्ड की किसी भी प्रेजेंटेशन को अनुमति न दें. इससे पहले सोमवार को भी आतिशी ने जेपीसी चेयरमैन को पत्र लिखा था.
सोमवार के बाद मंगलवार को लिखे अपने दूसरे पत्र में दिल्ली की सीएम ने कहा, 'वक्फ बोर्ड के सीईओ को पहले दिल्ली सरकार की मंजूरी लेने और फिर जेपीसी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.' दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रेजेंटेशन को तब तक के लिए स्थगित किया जा सकता है जब तक दिल्ली वक्फ बोर्ड को दिल्ली सरकार की मंजूरी नहीं मिल जाती.
विपक्षी सांसदों ने किया था बहिष्कार
वक्फ बिल को लेकर सोमवार को हुई जेपीसी की बैठक में हंगामा हुआ था. विपक्षी दलों के सांसदों ने वक्फ पैनल की बैठक का बहिष्कार किया और मीटिंग से वॉकआउट कर दिया था. दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रेजेंटेशन के विरोध में कई विपक्षी सांसद सोमवार को वक्फ बिल को लेकर बुलाई गई जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी (JPC) की बैठक से बाहर चले गए.
विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि कमेटी के सामने पेश हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड एडमिनिस्ट्रेशन ने दिल्ली सरकार की जानकारी के बिना प्रेजेंटेशन में बदलाव किए. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, द्रमुक के मोहम्मद अब्दुल्ला, कांग्रेस के नसीर हुसैन और मोहम्मद जावेद समेत अन्य लोग बैठक से बाहर चले गए.
पिछली मीटिंग में भी हुआ था बवाल
पिछले हफ्ते भी जेपीसी की बैठक में बवाल हो गया था. देखते ही देखते टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और बीजेपी सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय के पीछ तीखी नोकझोंक हो गई. बात इतनी बढ़ गई कि कल्याण बनर्जी ने टेबल पर रखी कांच की पानी की बोतल फोड़ दी. इससे उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, जहां उनके हाथ में चार टांके आए.
मीटिंग के दौरान हंगामा करने को लेकर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को वक्फ पर संसदीय समिति से एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था. जेपीसी चेयरमैन जगदंबिका पाल के नेतृत्व में रूल 374 के तहत वोटिंग हुई जिसमें कल्याण बनर्जी को सस्पेंड करने को लेकर पक्ष में 9 और विपक्ष में 7 वोट पड़े.