
कोरोना संकट के बीच 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को पोस्टपोन कर दिया गया था. अब रविवार को केंद्र ने इस सिसलिसे में एक अहम बैठक की और परीक्षाओं को करवाने को लेकर विचार-विमर्श हुआ. उस मीटिंग में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी हिस्सा लिया था. उनकी तरफ से साफ कर दिया गया है कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को कोरोना का टीका लगना जरूरी है. उन्होंने ट्वीट कर उस मीटिंग की भी जानकारी दी है और अपने सुझाव भी साझा किए हैं.
12वीं के छात्रों को लगे वैक्सीन- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया की तरफ से जोर देकर कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा से पहले 12वीं में पढ़ रहे डेढ़ करोड़ छात्रों को जल्द कोरोना की वैक्सीन लगाई जाए. ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में आज मांग रखी कि परीक्षा से पहले 12वीं के सभी बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करें. बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर परीक्षा का आयोजन करवाने की ज़िद बहुत बड़ी गलती और नासमझी साबित होगी. सिसोदिया की तरफ से ये सुझाव भी दिया गया है कि अगर देश में वैक्सीन की कमी है तो फाइजर कंपनी से भी बात की जा सकती है.
18+ वाली वैक्सीन 12वीं के छात्रों को लगा सकते हैं?
उन्होंने लिखा है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता वैक्सीनेशन होनी चाहिए. केंद्र सरकार Pfizer से बात कर देश भर में 12वीं क्लास के सभी 1.4 करोड़ बच्चों और स्कूलों में, लगभग इतने ही शिक्षकों के लिए वैक्सीन लेकर आएं. वहीं क्योंकि ज्यादातर 12वीं में पढ़ रहे छात्रों की उम्र 18 साल से कम है. ऐसे में सिसोदिया की तरफ से कहा गया है कि इस पर रिसर्च करने की जरूरत है ताकि 18 साल से ऊपर को लगने वाली वैक्सीन को इन छात्रों को भी लगाया जा सके. इस बारे में उन्होंने बोला है कि 12वीं में पढ़ने वाले लगभग 95% विद्यार्थी 17.5 साल की उम्र के ऊपर हैं.
केंद्र सरकार हेल्थ एक्सपर्ट्स से बात करे कि 18+ आयुवर्ग को दी जाने वाली वैक्सीन क्या 12वीं में पढ़ने वाले 17.5 साल के विद्यार्थियों को दी जा सकती है. इन तमाम ट्वीट के जरिए मनीष सिसोदिया के जरिए सोशल मीडिया पर एक मुहिम शुरू करने की कोशिश हुई है. उन्होंने अपने हर ट्वीट के बाद हैशटैग के जरिए लिखा है- #पहलेवैक्सीनसुरक्षा_फिरपरीक्षा.
सिसोदिया की चेतावनी
ऐसे में इस मुहिम के जरिए ही उन्होंने अपनी मंशा साफ कर दी है. दिल्ली की आप सरकार चाहती है कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले 12वीं के छात्रों को वैक्सीन लगना जरूरी है. दलील दी गई है कि अगर समय रहते इन छात्रों को वैक्सीन नहीं लगवाई गई तो बड़ा नुकसान हो सकता है. जैसी तबाही कोरोना की दूसरी लहर में देखने को मिली है, वैसा ही हाल तीसरी लहर में भी हो सकता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सिसोदिया ने मीटिंग में अपने सुझाव रखे हैं. अब केंद्र इन पर कितना अमल करता है, ये आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा.