
आर्थिक रूप से बदहाल ईस्ट एमसीडी के सफाई कर्मचारियों ने रविवार को सामूहिक मुंडन करवाया. दरअसल, पूर्वी दिल्ली के सफाई कर्मचारियों को इस बात की आशंका है कि आने वाले दिनों में उनको वेतन देने में ईस्ट एमसीडी फिर से नाकाम रह सकती है. और इसी आशंका के मद्देनजर सफाई कर्मचारियों ने मुंडन करवा कर अपना विरोध दर्ज करवाया.
एमसीडी स्वच्छता कर्मचारी यूनियन के संजय गहलोत के मुताबिक ईस्ट एमसीडी की आर्थिक स्थिति लगातार खराब बनी हुई है. कमिश्नर इस बात को स्थायी समिति में भी रख चुके हैं कि पूर्वी निगम में सैलरी का संकट बना हुआ है और जल्द ही इसकी गाज सफाई कर्मचारियों पर भी गिर सकती है.
एमसीडी सफाई कर्मचारी इस बात की आशंका जता रहे हैं कि उन्हें अगले महीने से सैलरी के लाले पड़ सकते हैं और इसलिए रविवार को एमसीडी स्वच्छता कर्मचारी यूनियन ने बैठक बुलाई जिसमें वेतन में देरी की संभावना पर चर्चा की गई.
सफाई कर्मचारियों के मुताबिक ईस्ट एमसीडी में कच्चे सफाई कर्मचारियो की तीन-तीन महीने की सैलरी पहले बकाया है. उसपर अगर अगले महीने भी सैलरी नहीं मिली तो सफाई कर्मचारियों का घर चलाना और मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि जुलाई से नया स्कूल सत्र भी शुरू होने वाला है जिसमें बच्चों को नई किताब, ड्रेस और दूसरे ज़रूरी सामान दिलाने होंगे और ऐसे में सैलरी ना मिलने पर हालात बदतर हो जाएंगे. बैठक के बाद सफाई कर्मचारी राकेश और श्रीचंद ने बाल मुंडवा कर विरोध दर्ज कराया.
5 जुलाई तक सैलरी नही मिली तो हड़ताल
सफाई कर्मचारियों की बैठक में फैसला किया गया कि 5 जुलाई तक यदि सभी सफाई कर्मचारियो को सैलरी नहीं मिली तो सफाई कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे. और इसके बावजूद सुनवाई ना होने की सूरत में पूर्वी दिल्ली में पूरी तरह से काम बंद हड़ताल करेंगे.
स्वच्छ सर्वे में फिसड्डी रही है ईस्ट एमसीडी
शनिवार को जारी स्वच्छ सर्वे में ईस्ट एमसीडी बुरी तरह से पिछड़ी है. ईस्ट एमसीडी में सफाई व्यवस्था किस कदर पहले से ही बेहाल है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल ईस्ट एमसीडी जहां तीनों एमसीडी से बेहतर 196 रैंक पर थी तो इस साल फिसलकर ईस्ट एमसीडी 341 रैंक पर जा पहुंची है और इसके पीछे की एक सबसे बड़ी वजह सफाई कर्मचारियों की बार बार की हड़ताल को भी माना जा रहा है.