
Delhi Excise Policy Scam: दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं. एक्साइज पॉलिसी में कथित गड़बड़ी के आरोप में सीबीआई ने सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. इससे पहले सीबीआई ने सिसोदिया के घर समेत 31 जगहों पर छापेमारी भी की थी. अब इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री भी होने वाली है, क्योंकि सीबीआई ने FIR की कॉपी और दस्तावेज एजेंसी से साझा कर दिए हैं.
बीजेपी ने एक्साइज पॉलिसी में हुई कथित गड़बड़ी को 'घोटाला' बताया है. वहीं, आम आदमी पार्टी का कहना है कि वो इन सबसे डरने वाली नहीं है. आम आदमी पार्टी ने इसे 'शिगूफा' यानी झूठ बताया है.
शुक्रवार को सीबीआई ने सिसोदिया के घर और कुछ सरकारी अफसरों के यहां छापेमारी की थी. 15 घंटे तक चली इस छापेमारी के बाद सीबीआई ने केस दर्ज किया है. इसके अलावा 8 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है. यानी, ये लोग अब देश छोड़कर नहीं जा सकते.
सिसोदिया के खिलाफ ये पूरी कार्रवाई मुख्य सचिव की उस रिपोर्ट पर हो रही है, जिसमें एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया गया है. ये रिपोर्ट दो महीने पहले एलजी वीके सक्सेना को सौंपी गई थी. मुख्य सचिव की रिपोर्ट पर एलजी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इस रिपोर्ट में GNCTD एक्ट 1991, ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 के नियमों का उल्लंघन पाया गया था.
कैसे घिरे सिसोदिया?
- इस रिपोर्ट के आधार पर एलजी ने पाया कि एक्साइज डिपार्टमेंट के प्रभारी होने के नाते मनीष सिसोदिया ने ऐसे फैसले लिए, जिससे वित्तीय गड़बड़ियां हुईं. उन पर एक्साइज पॉलिसी के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है.
- मुख्य सचिव की रिपोर्ट में कहा गया था कि सिसोदिया ने कथित तौर पर टेंडर दिए जाने के बाद भी शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ.
- इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मनीष सिसोदिया के आदेश पर एक्साइज पॉलिसी के जरिए कोरोना के बहाने शराब ठेकेदारों के 144.36 करोड़ रुपये माफ किए गए. इससे शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचा.
सिसोदिया पर कौन-कौन से आरोप?
- शराब कारोबारियों को लाइसेंस फीस में 144.36 करोड़ रुपये की छूट दी. इसके लिए कोरोना का बहाना बनाया गया. आरोप है कि इस छूट के लिए कैबिनेट को लूप में नहीं रखा गया, बल्कि मंत्री स्तर पर ही फैसला ले लिया गया.
- एक्साइज डिपार्टमेंट ने एयरपोर्ट जोन में L1 लाइसेंसधारी को 30 करोड़ रुपये वापस कर दिए थे, क्योंकि उसे एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिली थी. जबकि, ये रकम जब्त की जानी थी.
- इसके अलावा विदेशों से आने वाली बीयर पर 50 रुपये प्रति केस के हिसाब से रकम ली जाती थी. इस फैसले को भी बिना किसी मंजूरी के वापस ले लिया गया. इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा.
- इतना ही नहीं, आरोप ये भी हैं कि L7Z और L1 लाइसेंसधारियों का लाइसेंस पहले 1 अप्रैस से 31 मई और फिर 1 जून से 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया और इसके लिए एलजी की मंजूरी भी नहीं ली गई.
FIR में क्या-क्या?
- सीबीआई ने अपनी FIR में 15 लोगों को आरोपी बनाया है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अब तक की जांच में सामने आया है कि शराब कारोबारी समीर महेंद्रू एक्साइज पॉलिसी बनाने और उसे लागू करने में हुई कथित अनियमितताओं में शामिल थे. समीर महेंद्रू को सिसोदिया का करीबी बताया जा रहा है.
- FIR में सिसोदिया के तीन और करीबियों- अमित अरोड़ा (बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर), दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे का नाम भी शामिल है. आरोप है कि इन्होंने आरोपी सरकारी अफसरों की मदद से शराब लाइसेंसधारियों से पैसा इकट्ठा किया और उसे दूसरी जगह डायवर्ट किया.
- सीबीआई ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है. इनमें तीन पूर्व सरकारी अफसर एजी कृष्णा (पूर्व एक्साइज कमिश्नर), आनंद तिवारी (पूर्व डिप्टी एक्साइज कमिश्नर) और पंकज भटनागर (पूर्व असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर) का नाम भी शामिल है.
- FIR में कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें मनीष सिसोदिया, तीन पूर्व सरकारी अफसर, 9 कारोबारी और दो कंपनियों के नाम शामिल हैं.
अब तक क्या-क्या हुआ?
- सीबीआई ने शुक्रवार (19 अगस्त) को सिसोदिया के घर समेत 31 जगहों पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी में कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रविवार को सीबीआई ने तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया था. इनसे वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी ली गई. आरोपियों के बयान दर्ज किए गए हैं.
- अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि तीनों आरोपियों से लगभग 12 घंटे तक पूछताछ की गई थी. कुछ आरोपियों को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
- अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के एग्जामिनेशन के बाद दूसरे आरोपियों को भी समन जारी किया जाएगा.
क्या ED की भी होगी एंट्री?
- इस पूरे मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री भी होने वाली है. सीबीआई ने इस पूरे मामले में जब्त किए गए दस्तावेज और FIR की कॉपी ED के साथ भी साझा कर दी है.
- सीबीआई को इसमें मनी लॉन्ड्रिंग होने का शक भी है. माना जा रहा है कि जल्द ही ED भी सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर सकती है.
क्या है दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी?
- 17 नवंबर 2021 को दिल्ली में नई एक्साइज पॉलिसी लागू हुई थी. इसके तहत राजधानी में 32 जोन बनाए गए थे. हर जोन में ज्यादा से ज्यादा 27 दुकानें खुलनी थीं. कुल मिलाकर 849 दुकानें खुलनी थीं.
- नई नीति लागू होने से पहले तक दिल्ली में शराब की 60% दुकानें सरकारी और 40% प्राइवेट थीं. लेकिन नई नीति लागू होने के बाद 100% दुकानें निजी हाथों को सौंप दी गई. सरकार का तर्क था कि इससे रेवेन्यू में 3,500 करोड़ रुपये बढ़ने की उम्मीद है.
- अब 31 अगस्त को ये पॉलिसी खत्म हो जाएगी और फिर से नई नीति लागू होगी. अब 1 सितंबर से फिर से पुरानी एक्साइज पॉलिसी लागू हो जाएगी. इसके बाद शराब की दुकानें सरकारी एजेंसियां ही चलाएंगी.