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PhD कराने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का भंड़ाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन पीएचडी के नाम पर लोगों से ठगी करता था. जानकारी के मुताबिक ये गैंग अब तक 15 लोगों को अपना शिकार बना चुका है.

पीएचडी कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरफ्तार दोनों आरोपी पीएचडी कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरफ्तार दोनों आरोपी
हिमांशु मिश्रा
  • दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:01 AM IST

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन पीएचडी का कोर्स करने के नाम पर छात्रों के साथ ठगी किया करता था. पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना जावेद न्यूजीलैंड के ऑकलैंड से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है. न्यूजीलैंड से बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद जावेद जब वापस लौट के आया तो उसने पैसे कमाने के लिए एक आसान तरीका ढूंढा. ऐसे में अपनी पढ़ाई का इस्तेमाल करके  उसने ऑनलाइन एक ऐसा जाल बिछाया, जिसे एक बार देख कर किसी को अंदेशा भी नहीं होता था कि यह ठगों का मायाजाल है.

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डीसीपी सेंट्रल हर्षवर्धन के मुताबिक साइबर थाने पुलिस को ऑनलाइन एक शिकायत मिली थी. जिसमें शिकायतकर्ता छात्र ने लिखा था कि वह पीएचडी करना चाहती थी. जिसके लिए उसने ऑनलाइन सर्च किया तो उसे एक वेबसाइट मिली "www.literateus.com" मिली. पीड़िता के मुताबिक इस वेबसाइट के जरिए उसे जावेद नामक युवक का नंबर मिला. जिसने पीएचडी करने के नाम पर एक लाख 80 हजार रुपए ऑनलाइन पैसे ले लिए. लेकिन इतने पैसे लेने के बावजूद भी जावेद ने जब कोई जवाब नहीं दिया और बाद में कुछ और पैसों की मांग की तो पीड़िता को शक हुआ. जिसके बाद उसने सेंट्रल दिल्ली के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दी.

यह भी पढ़ें: ठाणे में ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़, छह आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग शामिल

गैंग अब तक करोड़ों की कर चुका है ठगी

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शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की. पुलिस ने सबसे पहले उसके मोबाइल नंबर का डिटेल निकलवाया. इसी नंबर पर पीड़िता और जावेद की बातचीत हुई थी. हालांकि, ये नंबर बंद पाया था. इसके बाद पुलिस ने दिए गए वेबसाइट से और बैंक डिटेल के जरिए आरोपी के बारे में पता लगाना शुरू किया.

इसके बाद पुलिस को दो आरोपियों की जानकारी मिली. जिसके बाद पुलिस ने जावेद और शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया. दोनों की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और नोएडा से हुई थी. पूछताछ के दौरान आरोपी जावेद खान ने बताया कि उसने न्यूजीलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड से कंप्यूटर साइंस नेटवर्किंग में बीटेक किया है.

पढ़ाई के बाद उसने एक बड़ी कंपनी में पीएचडी एडमिशन के फ़ील्ड में काम किया. यहीं से जावेद को आइडिया आया कि वह क्यों ना अपनी कंपनी शुरू करें. ऐसे में उसकी एक ऐसी यूनिवर्सिटी के साथ बात बनी, जिसका लाइसेंस 2021 में ही खत्म हो चुका था. इसके बाद जावेद ने फेक डॉक्यूमेंट तैयार किया और अपनी वेबसाइट के जरिए पीएचडी में एडमिशन लेने वाले छात्रों के साथ ठगी करना शुरू कर दिया.

इसके बाद वह जाल में फंसाने वाले लोगों को फेक फीस रिसिप्ट के अलावा फेक डिग्री तक देने लगा. पूरे गोरख धंधे में जावेद का साथ शाहरुख दिया करता था. फिलहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से कुछ जाली दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. पुलिस के मुताबिक उनके बैंक डिटेल से पता चला है कि अब तक दोनों ने कम से कम 15 छात्रों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया है.

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