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Farmers Protest Delhi: किसना आंदोलन से जुड़े 17 मुकदमे दिल्ली सरकार ने वापस लिए

करीब एक साल तक आंदोलन चलने के बाद केंद्र सरकार ने तीनों कानून वापस ले लिए. इसके बाद नौ दिसंबर 2021 को किसानों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया था. कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद किसानों ने दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की थी. इसके बाद पुलिस ने जांच के बाद मुकदमे वापस लेने की सिफारिश की थी. 

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
पंकज जैन
  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 8:24 PM IST
  • उपराज्यपाल ने 31 जनवरी को भेज दी थी फाइल
  • पुलिस ने किसानों पर दर्ज किए थे 54 मुकदमे
  • अभी भी 37 मुकदमों की समीक्षा की जा रही

दिल्ली सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए 54 में से 17 मुकदमों को वापस लेने की मंजूरी दे दी है. पुलिस अभी 37 मुकदमों की समीक्षा कर रही है. फिलहाल उन्हें वापस लेने के संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है.

लाल किले पर प्रदर्शन का केस वापस 
सरकार ने जिन 17 मुकदमों को वापस लिया है, उसमें 26 जनवरी को लाल किले पर प्रदर्शन करने का मामला भी शामिल है. इस मामले में करीब 300 प्रदर्शनकारियों और 25 ट्रैक्टर लाहौरी गेट के जरिये लाल किले के पास पहुंच गए थे, जिससे सुरक्षा जांच उपकरणों को नुकसान हुआ था.

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28 जनवरी को एलजी को भेजी गई थी फाइल
दिल्ली पुलिस ने 17 मामले रद्द करने संबंधी प्रस्ताव की फाइल 28 जनवरी को उपराज्यपाल अनिल बैजल की मंजूरी के लिए भेजी थी. दस्तावेजों से पता चलता है कि इसके बाद बैजल ने दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन की मंजूरी के लिए फाइल 31 जनवरी को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को भेज दी थी. केजरीवाल सरकार ने सभी 17 मुकदमों पर विचार करने के बाद उन्हें वापस लेने को मंजूरी दे दी है.

संगीन अपराधों में शामिल लोगों पर चलेगा केस
जो भी मुकदमे वापस लिया जा रहे हैं, वे निषेधाज्ञा के उल्लंघन और सरकारी निर्देशों का पालन न होने से जुड़े थे. संगीन अपराधों में शामिल लोगों पर पहले की तरह मुकदमा चलता रहेगा. 

किसानों ने डेढ़ साल तक किया आंदोलन
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसान ने करीब डेढ़ साल तक आंदोलन करते रहे. इस दौरान किसानों दिल्ली के बॉर्डरों को घेरकर लिया था. इसके बाद दबाव में आकर सरकार ने संसद में विधेयक पेश कर तीनों कानूनों को खत्म कर दिया गया.

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