
दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी के लिए लाई गई 'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना' पर केंद्र सरकार द्वारा रोक लगा दी गई. इस योजना को लेकर सीएम केजरीवाल ने पहले ही साफ कर दिया था, कि केंद्र की हर शर्त मानने के लिए तैयार है. आज इस मामले में कैबिनेट बैठक हो सकती है. माना जा रहा है कि इस योजना के लिए नए सिरे से केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा सकता है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक केंद्र सरकार को योजना के नाम 'मुख्यमंत्री घर-घर राशन' से आपत्ति है. ऐसे में मुख्यमंत्री ने एलान किया था कि दिल्ली में अब योजना बिना किसी नाम के लागू होगी और इससे संबंधित एक प्रस्ताव कैबिनेट बैठक के बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार इस योजना के लिए केंद्र सरकार की सभी शर्तें मानने को तैयार है.
आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की है कि 'दिल्ली में लागू करें घर-घर राशन पहुंचाने की योजना' उन्होंने कहा कि दिल्ली में घर-घर राशन पहुंचाने की योजना की पीछे एक मकसद है. दरअसल, राशन के नाम पर दलाली और भ्रष्टाचार होता था और गरीब आदमी को राशन नहीं मिलता था. इसलिए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने गरीबों के घर तक राशन भेजने का फैसला किया, लेकिन इसमें केंद्र सरकार क्यों रोक लगाना चाहती है? क्या भाजपा ये सन्देश दे रही है कि उनके रहते दलाली और भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा? इसलिए भारतीय जनता पार्टी को घर-घर राशन पहुंचाने वाली योजना को मंजूरी देना चाहिए.
अगर केंद्र सरकार घर घर राशन पहुंचाने की योजना लागू करने की अनुमति नही देती है तो आम आदमी पार्टी का अगला कदम क्या होगा? इस सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा कि "आम आदमी पार्टी हमेशा लोगों के हक के लिए लड़ती है. हालांकि दिल्ली सरकार द्वारा दोबारा फाइल केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. उम्मीद है कि केंद्र सरकार घर घर राशन पहुंचाने की योजना को मंजूरी देगी और अगर मंजूरी नहीं मिलती है, तो पार्टी बातचीत करके अगला कदम तय करेगी.
बता दें कि दो दिन पूर्व राशन प्रक्रिया के अनुभव का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "मेरे लिए राशन माफिया को खत्म करके गरीबों तक राशन पहुंचाना बेहद अहम है. आज से 22 साल पहले राशन राशन माफिया के साथ मेरा संघर्ष शुरू हुआ था. पहले मैं इनकम टैक्स में नौकरी करता था, उसके बाद नौकरी से छुट्टी लेकर दिल्ली की नंदनगरी, सुन्दरनगरी, सीमापुरी जैसी गरीब बस्ती में काम करना शुरू किया. वहां झुग्गियों में राशन लेने में काफी दिक्कत होती थी, जब RTI से कागज निकलवाये तो पता चला कि झूठे अंगूठे लगाकर राशन चोरी किया जा रहा था. गरीबों को राशन दिलाने के लिए खूब संघर्ष किया है. अब ये लड़ाई एक मुकाम तक पहुंचने वाली है.