
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि दिल्ली का असली बॉस कौन होगा. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाते हुए कहा में कहा कि दिल्ली सरकार को अफसरों का ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार है.
इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, 'दिल्ली के लोगों के साथ न्याय करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का तहे दिल से शुक्रिया. इस निर्णय से दिल्ली के विकास की गति कई गुना बढ़ेगी.जनतंत्र की जीत हुई.'
कोर्ट के इस फैसले को दिल्ली सरकार की जीत के रूप में देखा जा रहा है. अदालत ने साफ किया कि जमीन, कानून-व्यवस्था और पुलिस का अधिकार केंद्र के पास ही रहेगा. इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'लंबे संघर्ष के बाद जीत, अरविंद केजरीवाल जी के जज्बे को नमन.दिल्ली की दो करोड़ जनता को बधाई. सत्यमेव जयते.'
आम आदमी पार्टी के विधायक और कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट करते हुए कहा, 'ये जनता की जीत है .मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 8 साल तक दिल्ली की जनता की लड़ाई अदालत में लड़ी. और आज जनता जीत गई.'
कैबिनेट मंत्री आतिशी ने ट्वीट कर कहा, 'सत्यमेव जयते! सालों की लड़ाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल सरकार को उसका हक़ दिलवाया है.दिल्ली की जनता के काम में अब कोई अड़ंगा नहीं लगा पाएगा. ये ऐतिहासिक निर्णय दिल्ली की जनता की जीत है. अब दिल्ली दुगनी गति से तरक़्क़ी करेगी। सबको बधाई!'
इंडिया टुडे से बात करते हुए आतिशी ने कहा,'यह दिल्ली की जनता की जीत, लोकतंत्र और संविधान की जीत है.SC ने वापस चुनी हुई सरकार को अधिकार दिए हैं, केंद्र के पास सिर्फ जमीन-लोक व्यवस्था और पुलिस से संबंधी अधिकार हैं.अधिकारी चुनी हुई सरकार की नहीं सुन रहे थे और वही कर रहे थे जो मोदी सरकार कर रही है. दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे जैसे छोटे-मोटे काम करवाने के लिए भी चार कैबिनेट मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ा. अधिकारी अब दिल्ली सरकार के प्रति जवाबदेह होंगे.एलजी कैबिनेट की सहायता और सलाह पर काम करेंगे.एलजी के साथ टकराव खत्म होगा या नहीं, इस सवाल आप एलजी से पूछें.एलजी को अब कानून व्यवस्था पर ध्यान देना शुरू करना चाहिए.'