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25 हजार का जुर्माना माफ करने से हाई कोर्ट का इनकार, अमानतुल्ला के खिलाफ लगाई थी याचिका

दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि उसने अपनी याचिका में खुद कहा था कि अगर उस पर जुर्माना लगाया जाता है तो वह इसका भुगतान करेगा और उसके पास ऐसा करने का साधन था. लेकिन अब वो आर्थिक तंगी का दावा कर रहा है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट
पूनम शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 6:53 PM IST
  • अमानतुल्ला को राज्य सरकार द्वारा दिल्ली वक्फ बोर्ड का सदस्य चुना गया था
  • नामांकन के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी
  • याचिकाकर्ता पर ही कोर्ट ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया था

आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान को दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली वक्फ बोर्ड का सदस्य चुना गया था. नामांकन के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी और इस पर याचिकाकर्ता पर ही कोर्ट ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया था. याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट से जुर्माना माफ करवाने के लिए गुहार लगाई थी. अब हाई कोर्ट ने जुर्माना माफ करने से इनकार कर दिया है.

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हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि उसने अपनी याचिका में खुद कहा था कि अगर उस पर जुर्माना लगाया जाता है तो वह इसका भुगतान करेगा और उसके पास ऐसा करने का साधन था. लेकिन अब वो आर्थिक तंगी का दावा कर रहा है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जलान की बेंच ने याचिकाकर्ता मोहम्मद तुफैल खान से कहा, आपसे इस याचिका को दायर करने को किसने कहा था? सुनवाई कर रही बेंच ने याचिकाकर्ता को साफ-साफ शब्दों में जुर्माना माफ करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज कर दिया.

समय बर्बाद करने के लिए लगाया था याचिकाकर्ता पर जुर्माना

इतना ही नहीं नाराज हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील द्वारा जुर्माने की राशि को कम करने के अनुरोध पर भी सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया. खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले याचिकाकर्ता तुफैल खान ने दावा किया था कि बोर्ड के सदस्य के लिए दिल्ली सरकार द्वारा आप विधायक का चुनाव के लिए नामांकन कराना गैरकानूनी, मनमाना और भेदभावपूर्ण है.

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याचिकाकर्ता के द्वारा इस मामले में जनहित याचिका लगाई गई थी लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें किसी भी एंगल से यह याचिका जनहित याचिका नहीं लग रही है. लिहाजा न सिर्फ वह इस याचिका को खारिज कर रहे हैं बल्कि कोर्ट का समय बर्बाद करने के लिए याचिकाकर्ता पर 25 रुपए का जुर्माना भी लगा रहे हैं.

इसके बाद याचिकाकर्ता ने जुर्माने की राशि को कोर्ट द्वारा माफ कराने के लिए एक आवेदन किया था लेकिन मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस दरखास्त को भी खारिज कर दिया.

याचिकाकर्ता के द्वारा दिल्ली सरकार की तरफ से 7 अगस्त को जारी किए गए उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई थी जिसमें वक्फ बोर्ड के चुनाव के लिए अमानतुल्ला खान के साथ-साथ कुछ और कैंडिडेट के नाम भी शामिल थे. याचिकाकर्ता का कहना था कि अमानतुल्लाह खान के खिलाफ पहले ही भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज है, लिहाजा उनके नामांकन को खारिज किया जाना चाहिए.

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