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दिल्ली में हज कमेटी का गठन, BJP सांसद गौतम गंभीर समेत इन लोगों को मिली जगह

दिल्ली में नई हज कमेटी का गठन कर दिया गया है. इसमें बीजेपी के सांसद, आप के दो विधायक और कांग्रेस की एक पार्षद को शामिल किया गया है. उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर कमेटी का गठन किया गया है.

उपराज्यपाल वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल
कुमार कुणाल
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

मेयर पद के चुनाव को लेकर हुए हंगामे के बीच अब दिल्ली में नई हज कमेटी का गठन कर दिया गया है. इसमें बीजेपी के सांसद, आप के दो विधायक और कांग्रेस की एक पार्षद को शामिल किया गया है. दरअसल, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 3 साल के लिए हज कमेटी का गठन किया है. जिसमें बीजेपी सांसद गौतम गंभीर, आम आदमी पार्टी के दो विधायक हाजी यूनुस और अब्दुल रेहमान शामिल हैं. इनके साथ ही कांग्रेस पार्षद नाजिया दानिश को भी कमेटी का सदस्य बनाया गया है. 

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बता दें कि आज शुक्रवार को एमसीडी के मेयर पद के चुनाव होना था. हालांकि जैसे ही चुनाव के लिए नगर निगम की कार्यवाही शुरू हुई, आप और बीजेपी पार्षदों में हाथापाई और मारपीट हो गई. जिसके चलते चुनाव को स्थगित कर दिया गया. इसको लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़े शब्दों में उपराज्यपाल को पत्र भी लिखा है.

बीजेपी ने आप पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप

नगर निगम की कार्यवाही में हंगामे के बाद बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि हमारी महिला पार्षदों के साथ बदतमीजी की गई. शराब पीकर आए पार्षदों ने नुकीलों चीजों, कांच के टुकड़ों से उनको चोट पहुंचाई और उनके बाल खींचे. इसके साथ ही बीजेपी की महिला पार्षद ने आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, गलत भाषा का प्रयोग करके शपथ लेने से रोका गया. एमसीडी के इतिहास में इससे काला दिन नहीं हो सकता है.

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चुनाव प्रक्रिया का उड़ाया जा रहा मजाक: AAP 

वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि चुनाव प्रक्रिया का मखौल उड़ाया जा रहा है. मेयर के चुनाव में मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार देने की साजिश की जा रही है. आप विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पार्षदों ने मारपीट और धक्कामुक्की की. वहीं मनोनीत पार्षदों को लेकर कहा कि कभी वो वोट नहीं करते हैं, लेकिन इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने उन्हें शपथ के लिए बुलाया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी के लिए हमेशा चुनी हुई सरकार द्वारा बनता है. हमने मुकेश गोयल का नाम भेजा था, लेकिन एलजी ने किसी और को बना दिया.

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