
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. बुधवार को चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. जिसमें कहा गया है कि मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की बैठक 26 अप्रैल सुबह 11 बजे अरुणा आसफ अली सभागार, चौथी मंजिल, ए-ब्लॉक, डॉ एसपी मुखर्जी सिविक सेंटर में होगी.
इससे पहले 9 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि मेयर शैली ओबेरॉय ने चुनाव के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की है. दरअसल, आम आदमी पार्टी (आप) की नेता शैली ओबेरॉय ने 31 मार्च को मेयर पद पर अपना 38 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है.
नियम के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को 30 अप्रैल से पहले तक पूरा करना जरूरी होता है. इससे पहले वर्ष 2022 में 4 दिसंबर को एमसीडी के चुनाव हुए थे और परिणाम 7 दिसंबर को घोषित किए गए थे. आम आदमी पार्टी ने 250 में से 134 सीटें जीती थीं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी के बीच काफी तकरार के बाद चौथे प्रयास में शेली ओबेरॉय को दिल्ली का मेयर चुना गया था. इससे पहले तीन बार प्रयास हुए, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के चलते चुनाव नहीं हो सका था. मेयर चुनाव के लिए इसी साल पहले 6 जनवरी को, दूसरी बार 24 जनवरी को और तीसरी बार 6 फरवरी को बैठक हुई थी.
एक अप्रैल से शुरू होता है MCD का सत्र
दिल्ली नगर निगम एक्ट के मुताबिक हर बार 1 अप्रैल से निगम का सत्र शुरू होता है और पहली बैठक में मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के 6 सदस्यों का चुनाव होता है. लेकिन निगम में अप्रत्याशित घटना क्रम के चलते इस बार स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव नहीं होगा. मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल 31 मार्च को नए मेयर चुने जाने तक दोनों अपने पद पर बने रहेंगे.
कौन होगा पीठासीन अधिकारी?
वैसे तो मौजूदा मेयर ही अगले मेयर के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी होती हैं. लेकिन निगम एक्ट 77 के तहत मेयर प्रत्याशी पीठासीन अधिकारी नहीं हो सकता, ऐसे में अगर मौजूदा मेयर को रिपीट किया गया तो सवाल यह है कि पीठासीन अधिकारी कौन होगा, यह उपराज्यपाल को तय करना होगा. आम आदमी पार्टी के विश्वस्त सूत्रों से पता लगा है कि डॉक्टर शैली ओबेरॉय को ही दोबारा मेयर बनाने पर विचार किया जा रहा है. आपको बता दें कि निगम में पहले साल मेयर का पद महिला के लिए तो दूसरे साल जनरल के लिए आरक्षित है. हालांकि दूसरे साल भी जनरल कैटेगरी में महिला चुनाव लड़ सकती है.
इस बार क्यों नहीं होगा स्थाई समिति चुनाव?
दिल्ली नगर निगम में हर वर्ष महापौर के साथ ही स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होता है, लेकिन इस बार स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव नहीं होगा. छह सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया तो पूरी हो गई है, लेकिन चुनाव परिणाम पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. इस पर सुनवाई 24 अप्रैल तक लंबित है. वहीं दिल्ली नगर निगम में उपराज्यपाल द्वारा नियुक्त किए एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) के खिलाफ दिल्ली सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एलजी ऑफिस को नोटिस जारी किया. इस मामले पर 10 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा गया था.