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मुस्लिम वोटों का मिला साथ वरना MCD चुनावों में कांग्रेस रहती खाली 'हाथ'

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है, लेकिन मुस्लिम इलाकों में केजरीवाल का जादू नहीं चला. मुस्लिमों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट किया है, जिसका नतीजा है कि कांग्रेस से जीतने वाले ज्यादातर कैंडिडेट मुस्लिम है. पुरानी दिल्ली के इलाके को छोड़ दिया जाए तो दिल्ली के बाकी क्षेत्र में मुस्लिमों ने कांग्रेस के साथ खड़े नजर आए हैं.

कांग्रेस से जीती नाजिया दानिश कांग्रेस से जीती नाजिया दानिश
कुबूल अहमद
  • नई दिल्ली ,
  • 07 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव की मतगणना जारी है. एमसीडी में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच ही मुख्य मुकाबला है. आम आदमी पार्टी की आंधी में कांग्रेस का दिल्ली से सफाया हो गया है. कांग्रेस की लाज दिल्ली के मुसलमानों ने बचाई है. हालांकि, पुरानी दिल्ली के मुस्लिम इलाके में आम आदमी पार्टी के मुस्लिम कैंडिडेट जीतने में सफल रहे हैं जबकि दिल्ली दंगे वाले इलाके में मुसलमानों ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ वोटिंग की है. 

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दिल्ली एमसीडी की 250 पार्षद सीटों के रुझानों में आम आदमी पार्टी 132 पर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं, बीजेपी 104 और कांग्रेस 11 सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस का दिल्ली एमसीडी में यह अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. एमसीडी में कांग्रेस के प्रत्याशी उन्हीं सीटों पर आगे चल रहे हैं, जहां पर मुस्लिम निर्णायक भूमिका में है. कांग्रेस ने इस बार दो दर्जन मुस्लिमों को टिकट दिया था. कांग्रेस को इसी का फायदा एमसीडी चुनाव में मिला है. 

कांग्रेस का मुस्लिम इलाके में प्रदर्शन

जाकिर नगर 189 वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी नाजिया दानिश ने जीत दर्ज की है. इस सीट पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की सलमा आरिज को मात दिया है. इसी वार्ड से आम आदमी पार्टी के मुस्लिम चेहरा और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान मतदाता है. उनके विधानसभा क्षेत्र ओखला की यह सीट है. 

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मुस्लिम बहुल अबु फजल वार्ड 188 से कांग्रेस प्रत्याशी अरीबा खान ने जीत दर्ज किया. अरीबा ने आम आदमी पार्टी के पार्षद रहे वाजिद खान को मात दी है. अरीबा खान ओखला के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान की बेटी हैं. यह सीट भी अमानतुल्लाह खान के विधानसभा क्षेत्र के तहत आती है.

सीलमपुर इलाके की चौहान बांगर वार्ड नंबर 227 से कांग्रेस की शगुफ्ता चौधरी जुबैर ने  जीत दर्ज की है. उन्होंने आम आदमी पार्टी की असमा बेगम को मात दी है. 

कांग्रेस समर्थक दिल्ली एमसीडी चुनाव

कबीर नगर वार्ड नंबर 234 वार्ड से कांग्रेस के जारिफ ने आम आदमी पार्टी के साजिद को मात दी है.

शास्त्री पार्क नगर वार्ड 213 से कांग्रेस समीर अहमद ने जीत दर्ज की है. उन्होंने आम आदमी पार्टी के आदित्य चौधरी को मात दी है. 

मुस्तफाबाद वार्ड नंबर 243 से कांग्रेस की सबीला बेगम आगे चल रही हैं. 

बृजपुरी वार्ड नंबर 245 से कांग्रेस की नाजिया खातून आगे चल रही हैं और आम आदमी पार्टी की अरफीन नाज पीछे हैं. 

निहाल विहार वार्ड नंबर 47 से कांग्रेस के मनदीप सिंह आगे चल रहे हैं और करीब 1 हजार वोटों से बढ़त है

कुंवर सिंह नगर वार्ड नंबर 110 से कांग्रेस के कृष्णा आगे चल रही हैं और आप की राज बाला पीछे चल रही हैं. 
 

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पुरानी दिल्ली में मुस्लिमों की पसंद बनी AAP
 

दिल्ली की जामा मस्जिद सीट वार्ड नंबर 75 से आम आदमी पार्टी की सुल्ताना आबाद आगे चल रही हैं और कांग्रेस प्रत्याशी शाहीन परवीन पीछे चल रही हैं. 

चांदनी चौक वार्ड 76 से आम आदमी पार्टी से आले मोहम्मद इकबाल ने जीत दर्ज की है. उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी इरफानउद्दीन को मात दिया है. 

सीताराम बाजार वार्ड नंबर 78 से आम आदमी पार्टी के रफीक माहिर आगे चल रहे हैं और बीजेपी की सोनिया पीछे चल रही हैं, 

बल्लीमरान सीट वार्ड नंबर 79 से आम आदमी पार्टी के मोहम्मद सादिक आगे चल रहे हैं और बीजेपी के रामदेव शर्मा पीछे चल रहे हैं. 

कुरैश नगर वार्ड नंबर 81 से आम आदमी पार्टी की शमीम बानों आगे चल रही हैं जबकि कांग्रेस की कैंडिडेट अरफा पीछे चल रही हैं. 

श्रीराम कालोनी वार्ड नंबर 246 से आम आदमी पार्टी के मोहम्मद आमिल मलिक आगे चल रहे हैं और कांग्रेस के जुल्फेकार अली पीछे हैं. 

अमानतुल्लाह खान के इलाके में हारी कांग्रेस

ओखला से विधायक और आम आदमी पार्टी के मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले अमानतुल्लाह खान के इलाके में आम आदमी पार्टी को करारी मात खानी पड़ी है. ओखला विधानसभा क्षेत्र के तहत पांच पार्षद सीटें आती है, जिनमें से दो बीजेपी, दो कांग्रेस और एक सीट आम आदमी पार्टी को मिली है. जाकिर नगर और अबुफजल से कांग्रेस जीती है जबकि मदनपुर खादर से बीजेपी के ब्रह्म सिंह और सरिता विहार सीट से बीजेपी की नीतू मनीष ने जीत दर्ज की है. ऐसे में सिर्फ एक सीट जैतपुर से आम आदमी पार्टी से पार्षद हेमा जीती हैं. 

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दिल्ली में मुस्लिम सियासत

दिल्ली की सियासत में मुस्लिम मतदाता 12 फीसदी के करीब है, जिसके चलते हर आठवां मतदाता मुसलमान है. दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 8 विधानसभा और नगर निगम की 250 में से करीब 50 सीटों पर मुस्लिम मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं. बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर, दिलशाद गार्डेन और किराड़ी मुस्लिम बहुल इलाके हैं. इन क्षेत्रों की पार्षद सीटों पर 40 से 90 फीसदी तक मुस्लिम मतदाता हैं. इसके अलावा त्रिलोकपुरी और सीमापुरी इलाके में भी मुस्लिम मतदाता काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं.

एमसीडी चुनाव में मुस्लिम कैंडिडेट

एमसीडी चुनाव में मुस्लिमों को टिकट देने में कांग्रेस ने सबसे बड़ा दिल दिखाया है. कांग्रेस ने सबसे अधिक टिकट दिए हैं तो बीजेपी ने सबसे कम मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं. कांग्रेस दिल्ली की राजनीति में वापसी करने का प्लान बनाया है. इसके लिए वह अपने पारंपरिक वोटबैंक को वापस पाने की कोशिश कर रही है. एमसीडी के कुल 250 वार्डों में से कांग्रेस ने 26 सीटों पर मुसलमान कैंडिडेट उतारे हैं. इस तरह कांग्रेस ने 10 फीसदी से अधिक टिकट मुस्लिम समुदाय के नेताओं को दिए हैं. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के 13 पार्षद सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं, जो सिर्फ पांच फीसदी है. वहीं, बीजेपी ने दिल्ली की चार पार्षद सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार पर भरोसा जताया है, लेकिन चारों ही सीटों पर पसमांदा दांव चला है.

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मुसलमानों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कुल 16 एमसीडी सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें से 14 मुस्लिम और दो दलित समुदाय से हैं. मुस्लिम बनाम मुस्लिम के बीच फाइट दिल्ली एमसीडी चुनाव में मुस्लिम बहुल सीटों पर मुस्लिम बनाम मुस्लिम के बीच सियासी संग्राम रहा. बीजेपी एमसीडी की जिन चार सीटों पर मुस्लिम कैंडिडेट उतारे हैं, उन्हीं सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम ने भी मुस्लिम प्रत्याशी थे. इसके अलावा एमसीडी की 9 सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम के मुस्लिम नेताओं के बीच फाइट थी जबकि इन सीटों पर बीजेपी से हिंदू समुदाय के नेता चुनाव मैदान में थे. वहीं, 13 सीटों पर कांग्रेस के मुस्लिम कैंडिडेट की आम आदमी पार्टी और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हिंदू समुदाय के नेताओं से टक्कर रही. 

 

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