
दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने फर्जी फार्मेसी रजिस्ट्रेशन रैकेट का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार, क्लर्क, दलाल, प्रिंटिंग शॉप मालिक, फार्मेसी कॉलेजों के कर्मचारी और 35 फर्जी फार्मासिस्ट समेत कुल 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग (दिल्ली सरकार) ने 30 जनवरी 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी कि दिल्ली फार्मेसी काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार कुलदीप सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों को फार्मासिस्ट के रूप में रजिस्टर किया. जांच के बाद मामला दर्ज कर ACB ने कार्रवाई शुरू की.
कुल 4928 फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन की जांच जारी है और अब तक 35 फर्जी फार्मासिस्ट गिरफ्तार किए गए हैं. जांच में सामने आया कि बिना टेंडर के निजी कंपनी VMC के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलाई गई. नकली डिप्लोमा और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट अपलोड कर फर्जी रजिस्ट्रेशन करवाए गए. कॉलेज कर्मचारियों ने ईमेल के जरिए फर्जी प्रमाणपत्रों की पुष्टि की.
जांच में सामने आया कि संजय नामक दलाल के जरिए रिश्वत लेकर रजिस्ट्रेशन करवाए गए. पूर्व रजिस्ट्रार कुलदीप सिंह ने पद छोड़ने के बाद भी 232 रजिस्ट्रेशन अप्रूव किए. फर्जी सर्टिफिकेट छापने वाले प्रिंटिंग शॉप मालिक और अन्य आरोपियों की संलिप्तता उजागर हुई है. इस घोटाले में कई और खुलासे हो सकते हैं, ACB की जांच जारी है.
फार्मेसी रजिस्ट्रेशन घोटाले में एक्शन
कुलदीप सिंह – पूर्व रजिस्ट्रार, दिल्ली फार्मेसी काउंसिल
मुकेश कुमार शर्मा – क्लर्क, दिल्ली फार्मेसी काउंसिल
6 दलाल (टाउट और सब-टाउट)
1 प्रिंटिंग शॉप मालिक
3 फार्मेसी कॉलेज कर्मचारी
35 फर्जी फार्मासिस्ट/केमिस्ट