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दिल्ली: ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, तीन तस्कर गिरफ्तार, 1 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं बरामद

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. इस दौरान तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है जो नकली लाइसेंस के जरिए नशीली दवाएं बना रहे थे और उसे बेचते थे. पुलिस ने आरोपियों से एक करोड़ का ड्रग्स बरामद किया है जिसके बाद इनके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. पुलिस ने बताया कि 25 दिसंबर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. इसके बाद दिल्ली के बवाना इलाके में चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा गया.

AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर). AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में तीन लोगों को गिरफ्तार कर ड्रग्स के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. यह सिंडिकेट प्रतिबंधित ड्रग्स के निर्माण और उसकी तस्करी में संलिप्त था. पुलिस ने इनके पास से लगभग 1 करोड़ रुपये की अवैध ड्रग्स और अवैध फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली मशीनें जब्त की हैं.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान समालुद्दीन उर्फ सादिक, मोहम्मद गुलजार, सलमान है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.80 लाख अल्प्राजोलम टैबलेट्स और 9,000 बोतल ट्रिप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड और कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद किए हैं. इसके अलावा, अवैध फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, नकली लेबल और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई है.

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पुलिस ने बताया कि 25 दिसंबर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. इसके बाद दिल्ली के बवाना इलाके में चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा गया.

समालुद्दीन है सिंडिकेट का मुख्य सरगना

पुलिस के अनुसार, समालुद्दीन, जो इस सिंडिकेट का मुख्य सरगना है उसके पास बी.फार्मा की डिग्री है. उसने सलमान के साथ मिलकर बवाना में अवैध फैक्ट्री स्थापित की थी. इस फैक्ट्री में अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल और कोडीन आधारित सिरप का उत्पादन हो रहा था.

गुलजार, जो एक ग्राफिक्स डिजाइनर है उसने सिंडिकेट के लिए 'अभेशिफा फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग कंपनी' नाम से एक फर्जी फर्म रजिस्टर करवाई थी. उसने अवैध दवाओं के लेबल डिजाइन करने और पैकेजिंग सामग्री छपवाने में मदद की.

नकली लाइसेंस और ब्रांड

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी नकली मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस और बैच नंबर का उपयोग कर रहे थे. दवाओं की बोतलों पर दिए गए पते और क्यूआर कोड भी फर्जी थे. उन्होंने नकली ब्रांड नाम का भी इस्तेमाल किया और अपनी खुद की दवा निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बना रहे थे. पुलिस के अनुसार, मामले की गहराई से जांच की जा रही है. सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है.

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विशेष पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) देवेन्द्र चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति का हिस्सा है.

 

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