
चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली वालों पर मई के महीने में मौसम मेहरबान रहा. यही कारण रहा कि मई में दिल्ली में औसतन अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह साल 2008 के बाद सबसे ठंडा मई का महीना रहा. यही नहीं, चिलचिलाती गर्मी के लिए जाने जाने वाले दिल्ली में इस साल मई के महीने में लोगों का एक बार भी लू (हीट वेव) से सामना नहीं हुआ. मौसम विभाग के मुताबिक जून के पहले सप्ताह में भी लू की संभावना नहीं है.
क्या रहे मौसम में बदलाव के कारण?
दिल्ली में मई के महीने में लोगों को गर्मी से राहत मिलने के पीछे दो कारण रहे. पहला ये कि इस महीने में दो चक्रवाती तूफान की संचरना के कारण बारिश हुई और दूसरा ये कि इस महीने में 5 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय दिखे. दिल्ली में चक्रवात के दौरान 119.4 मिमी बारिश दर्ज की गई जो मई के महीने में एक दिन में सबसे अधिक वर्षा थी.
दिल्ली में कैसा रहेगा इस हफ्ते का मौसम
दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है. वहीं, बुधवार को बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. हफ्ते के अंत में दिल्ली में तेज गति से हवाएं चलेंगी. भारत मौसम वैज्ञानिक विभाग (IMD) के मुताबिक राजधानी के कई हिस्सों में सोमवार को मौसम में अचानक बदलाव देखा गया और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
कितनी साफ है दिल्ली की हवा?
विभाग के मुताबिक, बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद अधिकतम तापमान के 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. सोमवार की सुबह दिल्ली में आर्द्रता का स्तर 50 प्रतिशत दर्ज किया गया. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, आज सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI of Delhi) 106 रहा. एक्यूआई को शून्य और 50 के बीच 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.