
दिल्ली दंगे के आरोपी शाहरुख पठान की जमानत अर्जी दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है. ये छठी बार है, जब दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान की तरफ से लगाई गई जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज किया है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पठान जिस तरह गंभीर अपराध में शामिल रहा है उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
साथ ही हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को भी दोहराया और कहा कि पुलिस पर शाहरुख पठान की पिस्टल ताने तस्वीरें उसके इरादों के बारे में बहुत कुछ बताती हैं. कोर्ट ने शाहरुख पठान की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा है कि शाहरुख किसी पर फायर करना चाहता था या नहीं, उससे ज्यादा जरूरी यह है कि उसने भीड़ में पिस्टल लहरा कर कानून को अपने हाथ में ले लिया और वह भी उस वक्त जब दिल्ली में दंगे हो रहे थे.
शाहरुख पठान की जमानत अर्जी को दो बार दिल्ली हाईकोर्ट और चार बार कड़कड़डूमा कोर्ट खारिज कर चुका है. दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने शाहरुख पठान की जमानत अर्जी पर अपना फैसला 9 अप्रैल को सुरक्षित रख लिया था.
हर बार की तरह दिल्ली पुलिस ने इस बार भी शाहरुख पठान की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि जिस तरह के संगीन आरोप उस पर हैं, उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए. इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने भी उसकी जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा था कि जिस तरह से शाहरुख पठान ने कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पर ही पिस्टल तान दी और उसके बाद घटनास्थल से फरार हो गया, उसके इस आचरण को देखते हुए उसको जमानत पर रिहा करना जोखिम का काम है. लिहाजा कड़कड़डूमा कोर्ट उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर रही है.
पिछले साल फरवरी में दिल्ली में हुए दंगे में पुलिसकर्मी पर बंदूक लहराते हुई शाहरूख पठान की एक विवादास्पद तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. शाहरुख पठान ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास तैनात पुलिस अधिकारी एचसी दीपक दहिया पर फायरिंग करने का इशारा करते हुए एक पिस्टल पकड़कर पुलिसकर्मी की तरफ तान दी थी.