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दिल्ली दंगा 2020: सिपाही पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को दिल्ली HC से नहीं मिली जमानत

साढ़े चार साल पहले 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के आरोपी शाहरुख पठान को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. शाहरुख ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. इस पर कोर्ट ने सुनवाई करने के बाद उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश देने से मना कर दिया.

Shahruसिपाही पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को दिल्ली HC से नहीं मिली जमानतkh Pathan points a gun at a policeman during the 2020 Delhi riots. Shahruसिपाही पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को दिल्ली HC से नहीं मिली जमानतkh Pathan points a gun at a policeman during the 2020 Delhi riots.
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

साढ़े चार साल पहले 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के आरोपी शाहरुख पठान को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. शाहरुख ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. इस पर कोर्ट ने सुनवाई करने के बाद उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश देने से मना कर दिया. शाहरुख पठान ने दंगों के दौरान दिल्ली पुलिस के सिपाही पर पिस्तौल तान दी थी.  

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पठान पर दंगा करने, विभिन्न समूहों के बीच नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देने वाले गैरकानूनी जमावड़े सहित कई अपराधों का आरोप है. पठान हिंसा के दौरान हेड-कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तानने और रोहित शुक्ला नामक व्यक्ति की हत्या की कोशिश के दो मामलों में आरोपी भी है. वह अभी तिहाड़ जेल में बंद है.

दरअसल दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे, जिनमें कम से कम 53 लोगों की जान चली गई थी. 24 फरवरी 2020 को मौजपुर-जाफराबाद इलाके में सीएए के विरोध में हुए दंगे में शाहरुख पठान ने खुलेआम पुलिस हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी. इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं.

शादी में शामिल होने के लिए मिली जमानत
सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में आरोपी व्यक्ति को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दे दी. अदालत ने आरोपी को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने पर आठ दिन की अंतरिम जमानत दी.

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दिल्ली पुलिस द्वारा अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट मामले में आरोपी शादाब अहमद की जमानत याचिका पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने सुनवाई की. अहमद ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश के अपने पैतृक गांव में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 20 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी.

आरोपी को मई 2020 में किया गया था गिरफ्तार
18 अक्टूबर को पारित एक आदेश में अदालत ने कहा, 'आवेदक को वर्तमान मामले में 20 मई, 2020 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में है.' आवेदक ने पहले नियमित जमानत के लिए एक याचिका और अंतरिम जमानत के लिए एक और आवेदन दायर किया था, लेकिन इन दोनों आवेदनों को खारिज कर दिया गया था. आरोपी को 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक व्यक्तिगत बांड और 20 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने पर जमानत दे दी.

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