
दुनियाभर में कोरोना मामलों में फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही है. भारत में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए विदेश से आ रहे यात्रियों की निगरानी और वहां कोरोना नियमों का पालन कराने के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है.
डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की तरफ से डीएम वेस्ट ने यह ऑर्डर जारी किया है. राजधानी दिल्ली के कुल 85 टीचर्स 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी देंगे. गौरतलब है कि 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश है.
कोरोना से निपटने को तैयार दिल्ली सरकार
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी कोरोना से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. कोरोना से निपटने संबंधित तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वास्थ्य निदेशालय के उच्चाधिकारियों सहित केजरीवाल सरकार के विभिन्न हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी की. बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अधिकारियों व अस्पताल प्रमुखों से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सामान्य बेड्स, कोरोना बेड्स, वेंटीलेटर्स की मौजूदा संख्या व जरूरत पड़ने पर उन्हें बढ़ाने, अस्पतालों में डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, अस्पतालों की ऑक्सीजन आपूर्ति व स्टॉक, आवश्यक दवाईयों के स्टॉक इत्यादि की डिटेल्ड समीक्षा की. साथ ही उन्होंने अस्पतालों को भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार कोविड से संबंधित सभी आवश्यकताओं का आंकलन करने और उसे शाम तक स्वास्थ्य निदेशालय के साथ साझा करने के निर्देश दिए.
बैठक के बाद सिसोदिया ने निर्देश दिए थे कि सोमवार शाम तक सभी अस्पताल अपने यहां कोरोना संबंधित तैयारियों को लेकर सभी जरूरी डाटा उपलब्ध करवाएं. इस मौके पर सिसोदिया ने कहा कि कोरोना का नया वेरिएंट बीएफ.7 विश्व के कई देशों में तेजी से फैल रहा है. दिल्ली में कोरोना का नया वेरिएंट फैले या इससे किसी प्रकार की आपातस्थिति पैदा हो, इससे निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने युद्धस्तर पर काम करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के अस्पताल, हमारे मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. इसलिए हमारे नागरिकों को इससे डरने की नहीं बल्कि अलर्ट रहने की जरूरत है. उन्होंने साझा किया कि हमारे अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की कमी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय को 104 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड भी दिया जाएगा, ताकि अस्पतालों में दवाईयों की कमी न हो.
सिसोदिया ने मांगा जरूरी डाटा
बैठक के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोविड के पिछले अनुभवों से हमने बहुत कुछ सीखा है और इससे सरकार को भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी. हमने सभी तैयारियों और संभावित मामलों को लेकर अस्पतालों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. साथ ही केजरीवाल सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी को समय रहते जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं.
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार मंगलवर 27 दिसंबर को दिल्ली सहित देश के सभी राज्यों में कोरोना से संबंधित तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया जा रहा है. दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों में कल इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा. जिसमें अस्पताल में कोरोना से जुडी हर छोटी-बढ़ी चीज का गहनता से परीक्षण किया जाएगा. मॉक ड्रिल का फोकस अस्पतालों की बेड्स की क्षमता, ह्यूमन-रिसोर्स क्षमता, रेफरल रिसोर्सेज, अस्पतालों की टेस्टिंग क्षमता, मेडिकल सामग्रियों की उपलब्धता, टेलीमेडिसिन सेवाओं, ऑक्सीजन आदि पर होगा.