
दिल्ली में पानी का संकट एक बार फिर गहरा सकता है. हरियाणा से यमुना में जो पानी आता है, वो काफी प्रदूषित है और वो पीने योग्य भी नहीं है. इसी मुद्दे को दिल्ली जल बोर्ड ने अपनी याचिका के जरिए हाई कोर्ट में उठाया है. उस याचिका के आधार पर ही कोर्ट ने भी हरियाणा सरकार, सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर दिया है.
सुनवाई के दौरान दिल्ली जल बोर्ड ने बताया कि हरियाणा से आ रहे पानी में भारी मात्रा में अमोनिकल-नाइट्रोजन, कोलिफॉर्म मिला है. इसकी एक बड़ी वजह ये है कि हरियाणा सरकार द्वारा पानी के बहाव में कई अवरोध पैदा कर दिए गए हैं. इस बात पर भी जोर दिया गया है कि हरियाणा द्वारा अभी भी दिल्ली को उसके हक का पानी नहीं दिया जा रहा है. इस मामले में अगली सुनवाई 10 मई को होने जा रही है.
सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड से पूछा कि क्या इस मामले को अंतरराज्यीय जल विवाद होने के कारण सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई करनी चाहिए. इसके जवाब में सिंघवी ने कहा कि इसमें कोई भी अंतर-राज्यीय जल विवाद के फैसले की आवश्यकता नहीं थी.
वहीं, हरियाणा सरकार ने कहा कि हाई कोर्ट के पास मामले की सुनवाई करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और राज्य मामले में पारित निर्देशों का पालन कर रहा है. उन्होंने कहा कि हर साल एक अंतर्वर्ती आवेदन दायर किया जाता है और मुख्य याचिका पर सुनवाई नहीं की जाती है.