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'आवारा कुत्ते पकड़ते ही मेनका गांधी के NGO से आ जाता है फोन'

वहीं एमसीडी के अफसरों का कहना है कि जैसे ही कर्मचारी कुत्ते को पकड़ने जाते हैं, उनके पास केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के एनजीओ वालों का फोन आ जाता है तो कभी उनके कार्यालय से भी फोन आ जाता है. तो फिर अफसर क्या करें, उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
रोहित मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:13 PM IST

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के पार्षद आवारा कुत्तों को लेकर काफी परेशान हैं. क्योंकि इनका निशाना इलाके में रहने वाले सीनियर सीटिजन बन रहे हैं. आवारा कुत्तों से परेशान लोग पार्षद के ऑफिस शिकायत लेकर  पहुंच जाते हैं कि आवारा कुत्ते से उन्हें बचाया जाए.

दरअसल दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के पार्षद आवारा कुत्तों को लेकर नाराज हैं. नेता सदन शिखा राय ने बताया कि पार्षदों की लगातार शिकायतें आ रही हैं कि उनके इलाके में आवारा कुत्तों की वजह से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि सुबह के वक्त जब बुजुर्ग पार्क, मंदिर या सुबह में टहलने जाते हैं तो उन्हें आवारा कुत्ते काट लेते हैं, या गिरा देते हैं. बैठक में नेता विपक्ष अभिषेक दत्त व आम आदमी पार्टी के पार्षद अशोक सैनी ने भी उनका समर्थन किया और कहा कि कुत्तों से निजात दिलाने के लिए शासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए.

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वहीं एमसीडी के अफसरों का कहना है कि जैसे ही कर्मचारी कुत्तों को पकड़ने जाते हैं, उनके पास केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के एनजीओ वालों का फोन आ जाता है तो कभी उनके कार्यालय से भी फोन आ जाता है. तो फिर अफसर क्या करें, उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए.

एमसीडी के अफसरों का कहना है कि जैसे ही वेटनरी विभाग के कर्मचारी जाते है तो केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की एनजीओ का नेटवर्क इतना मजबूत है कि आवारा कुत्तों को उठाते ही उनके एनजीओ ऑफिस से नहीं तो कभी कभी उनके कार्यलय ऑफिस से फोन आ जाता है कि तुमने कुत्ता क्यों उठाया. अगर कुत्ता उठाया है उसे वापस उसी जगह पर छोड़कर आओ, जहां से उठाया था. अफसरों के अनुसार फोन के बाद वह कुत्ते को वापस वहीं छोड़ आते हैं.

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