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'दिल्ली महिला आयोग को कमजोर कर रही AAP सरकार...', स्वाति मालीवाल का केजरीवाल को पत्र

स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'पिछले छह महीने से किसी को वेतन नहीं दिया गया, बजट 28.5 प्रतिशत कम कर दिया है, 181 हेल्पलाइन का संचालन वापस ले लिया गया और अध्यक्ष एवं दो सदस्यों के पद भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.'

फाइल फोटो फाइल फोटो
राम किंकर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व प्रमुख स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनके मंत्रियों पर महिला आयोग को एक संस्था के रूप में 'कमजोर' करने का आरोप लगाया है. आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से राज्यसभा के लिए नामित किए जाने के बाद मालीवाल ने दिल्ली महिला आयोग (DCW) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

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स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे के बाद से 181 महिला हेल्पलाइन के बंद होने और डीसीडब्ल्यू के सिस्टेमेटिक इरोश़न (Systemic Erosion) के बार में सीएम का पक्ष जानना चाहा है. स्वाति ने कहा है कि उनके नेतृत्व में 8 वर्षों में आयोग ने महिलाओं और बच्चों की 1.7 लाख से अधिक शिकायतों को देखा-सुना और 181 महिला हेल्पलाइन का मैनेजमेंट किया, जिस पर 2016 से 41 लाख से अधिक कॉल आए. 

मालीवाल ने कहा कि यह हेल्पलाइन 45 काउंसलर के साथ 24/7 टोल फ्री संचालित थी. राष्ट्रीय छुट्टियों और त्योहारों पर भी कॉल का जवाब दिया जाता था. मोबाइल हेल्पलाइन कार्यक्रम के सहयोग में 23 कारों का बेड़ा और 24/7 उपलब्ध 66 काउंसलर शामिल हैं. दिल्ली भर में 2.5 लाख से अधिक दौरे और 2,500 बचाव अभियान चलाए गए, जिनमें अन्य राज्यों से बचाव भी शामिल हैं. 

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रेप क्राइसिस सेल ने बलात्कार के मामलों के लिए दिल्ली की अदालतों में वकील रखे.1.9 लाख अदालती सुनवाई में सहायता की और पीड़ितों के लिए 8,215 मुआवज़ा आवेदन दायर किए. क्राइसिस इंटरवेशन सेंटर ने 60,751 यौन उत्पीड़न पीड़ितों की सहायता की, 29,800 FIR रजिस्टर्ड करने में सहायता की. इसके अलावा, आयोग ने 57 महिला पंचायत केंद्रों की देखरेख की, जिन्होंने 2.13 लाख मामलों को संभाला और जमीनी स्तर पर जेंडर इशू पर 52,296 जागरूकता सत्र आयोजित किए.

मालीवाल ने अपने पत्र में दिल्ली महिला आयोग (DCW) के सामने मौजूदा समय में कई चुनौतियों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 181 महिला हेल्पलाइन का मनमाना अधिग्रहण हुआ. जो कथित तौर पर केंद्र सरकार के निर्देश का अनुपालन करता है. इसने संचालन को बाधित कर दिया है. 

उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन DCW के संचालन के बावजूद, हेल्पलाइन को अचानक बंद कर दिया गया. मालीवाल ने कहा कि जिम्मेदार मंत्रियों और अधिकारियों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

मालीवाल के इस्तीफे के बाद से DCW को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा है. वित्त वर्ष 2023-24 और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयोग के फंडिंग को रोक दिया गया है, जिससे बुनियादी खर्च प्रभावित हुए हैं और नवंबर 2023 से महिला ग्राउंड स्टाफ को वेतन नहीं मिला है. 

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मालीवाल ने कहा कि अप्रैल 2024 में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी संविदा कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया है. मौजूदा समय में आयोग के 100 कर्मचारियों में से 88 संविदा या आउटसोर्स पर हैं. यदि इस निर्देश का पालन किया जाता है तो केवल 12 कर्मचारी ही बचेंगे, जिससे आयोग की प्रभावी रूप से कार्य करने की क्षमता खतरे में पड़ जाएगी.

उन्होंने कहा कि आयोग का बजट 28.5 प्रतिशत कम कर दिया गया, 181 हेल्पलाइन को वापस ले लिया गया और अध्यक्ष एवं दो सदस्यों के रिक्त पदों को भरने का कोई प्रयास नहीं किया गया. स्वाति ने कहा, 'जब से मैंने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया है, तब से दिल्ली सरकार के मंत्रियों और अफसरों ने आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.'

उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'पिछले छह महीने से किसी को वेतन नहीं दिया गया, बजट 28.5 प्रतिशत कम कर दिया है, 181 हेल्पलाइन का संचालन वापस ले लिया गया और अध्यक्ष एवं दो सदस्यों के पद भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.'

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को कहा था कि महिला हेल्पलाइन नंबर अब उनका विभाग चलाएगा और यह नंबर कुछ दिनों तक बंद रहेगा.

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