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दिल्ली में जहां कटे 1100 पेड़, वहां पहुंची फैक्ट फाइंडिंग कमिटी, LG से पूछे ये सवाल

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि अमीरों के फार्म हाउस का अधिग्रहण कर सड़क को चौड़ा किया जा सकता था. फार्म हाउस को नहीं छुआ गया लेकिन जंगल में 1100 पेड़ काट दिए गए.

पंकज जैन
  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 4:25 PM IST

दिल्ली के सतबरी छतरपुर इलाके में 1100 पेड़ काटने वाली जगह पर मंगलवार को दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने निरीक्षण किया. बतौर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य के तौर पर सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने जायजा लिया. इसके बाद मंत्री आतिशी ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की बात कही.

सौरभ भारद्वाज का बयान

पेड़ काटने वाली जगह का जायजा लेने के बाद मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जहां हम मौजूद है वहां दोनों तरफ घने जंगल है. सड़क को चौड़ा करने के नाम पर सैकड़ो पेड़ों को काटा गया है. पेड़ काटकर नई रोड को बनाया गया है, यहां पहले जंगल था और जंगल के बीचो-बीच सड़क बनाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने यहां पर काम करने पर रोक लगाई हुई है, इसके बावजूद यहां पर बुलडोजर चल रहा है. ताकि ये नहीं पता चल सके कि कितने पेड़ कटे गए, तनों और जड़ों को उखाड़ कर फेंक दिया गया है और यहाँ सुप्रीम कोर्ट रोक के बावजूद DDA द्वारा मिट्टी की लेयर डालकर छुपाने की साज़िश चल रही है.

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आगे सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यहां सड़क की एक तरफ फार्म हाउस है, अगर सड़क को चौड़ा करना था तो फार्म हाउस को तोड़ा जा सकता था. गरीब किसानों की जमीनों को अधिग्रहण कर ये अमीरों के फार्म हाउस बनाए गए. तो इन अमीरों के फार्म हाउस का अधिग्रहण कर सड़क को चौड़ा किया जा सकता था. फार्म हाउस को नहीं छूआ गया लेकिन जंगल में 1100 पेड़ काट दिए गए.

उपराज्यपाल से पूछा सवाल

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से भी सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि आस-पास के लोग बताते हैं कि LG साहब ने यहां एक बार नहीं कई बार चक़्कर लगाए हैं. LG साहब यहां क्या करने आए ये उनसे पूछिएगा. LG साहब के लिए सवाल है कि सड़क चौड़ा करने के लिए फॉर्म हाउस की ज़मीन लें सकते हैं तो पेड़ क्यों काटे? पेड़ काटने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति चाहिए, लेकिन पेड़ फरवरी में ही काट दिए गए, और जब किसी ने शिकायत की, तो अनुमति मांगने सुप्रीम कोर्ट के सामने गए, यह कहते हुए की पेड़ अभी काटे जाने हैं.

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सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि मैं मानता हूं कि फार्म हाउस मालिकों को करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाया गया. इस मामले में बड़ी गड़बड़ी की आशंका साफ-साफ नजर आती है. फार्म हाउस को डबल फायदा हो गया क्योंकि अब छोटी सड़क को चौड़ी सड़क बना दिया गया है. फार्महाउस की कीमतों में इजाफा हो गया. लोग बता रहे हैं कि सड़क चौड़ी होने के बाद अगर एक फार्म हाउस की कीमत ₹1 थी तो वह ₹5 हो गई है.

सौरभ भारद्वाज ने कहा 'यह बताया गया है कि अंदर की तरफ केंद्रीय आर्म पुलिस का एक अस्पताल बनाया गया है. जब सड़क ही नहीं थी तो छुपकर अस्पताल क्यों बनाया गया. नरेला और नजफगढ़ में DDA जमीन पड़ी हुई है, वहां बना सकते थे.'

साथ ही, मंत्री आतिशी ने कहा कि सतबरी एरिया के प्रोटेक्टेड इको ज़ोन में पेड़ काटे गए हैं. ये गंभीर मुद्दा है कि बिना अनुमति के और किसके आदेश पर यह पेड़ काटे गए. लेकिन अब चिंता का मुद्दा सामने आया है कि अफसरों द्वारा तथ्यों को छुपाया जा रहा है. हमने फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में भी देखा है कि अफसर कागज नहीं दिखा रहे हैं, मीटिंग में नहीं आ रहे हैं और बहाने बना रहे हैं. इससे साफ है कि अफसर को ऊपर से आदेश मिल रहे हैं, अफसर को यह डायरेक्शन है कि किसी को प्रोटेक्ट किया जाए. हम सुप्रीम कोर्ट के सामने फैक्ट फाइंडिंग कमिटी की रिपोर्ट रखेंगे. हम उम्मीद करते हैं कि जिसने भी अवैध तरीके से पेड़ काटने की अनुमति दी है उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो.

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