
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के गोदावरी हॉस्टल में शुक्रवार को आग लग गई. एजेंसी के मुताबिक, ये जानकारी अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने दी. हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) द्वारा शेयर किए गए वीडियो में एक इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड से आग की लपटें और धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया.
दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) ने बताया, "एक एयर-कंडीशनिंग यूनिट में आग लग गई. हमें रात 10.18 बजे जानकारी मिली. यह बिजली के उपकरणों में मामूली आग थी. एक दमकल गाड़ी को मौके पर भेजा गया और आग बुझाने में करीब 15 मिनट लगे."
जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से तत्काल रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
JNUSU चीफ ने उठाया सवाल
सोशल मीडिया पोस्ट में JNUSU चीफ धनंजय ने इस घटना के लिए छात्रावासों में 'खराब सुरक्षा उपायों' को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, "जेएनयू प्रशासन और कुलपति ने यूनिवर्सिटी के छात्रों को मौत के मुंह में धकेल दिया है. गोदावरी हॉस्टल में लगी आग इसका सबूत है."
छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा, "JNUSU ने प्रशासन के समक्ष छात्रावासों की सेफ्टी और रिनोवेशन के बारे में बार-बार चिंता जताई है, लेकिन जवाब हमेशा यही मिलता रहा है कि सरकार पैसा नहीं दे रही है. RSS समर्थित प्रशासन और सरकार ने जेएनयू को बदहाली की स्थिति में पहुंचा दिया है."
धनंजय ने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना प्रशासन के लिए महंगी गलती साबित होगी.