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दिल्ली पर बाढ़ का खतरा, तेजी से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, कई इलाकों में घुसा पानी

दिल्ली के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग अपने घरों का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं. वहीं सरकार ने लोगों से अपील की है कि जल्द से जल्द सेफ प्लेस पर पहुंचें. यमुना का जलस्तर बढ़ने पर डूब क्षेत्र में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है. इन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में शिफ्ट कर दिया गया है.

दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भरने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं (फोटो- पीटीआई) दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भरने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं (फोटो- पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 13 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

देश की राजधानी दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. राजधानी में यमुना का जलस्तर सुबह 5 बजे तक पल्ला गांव के आसपास के इलाके में 212.70 मीटर तक पहुंच गया है. वहीं दिल्ली रेल ब्रिज पर सुबह 6 बजे यमुना का जलस्तर 208.41 तक जा पहुंचा है.  हालांकि बुधवार रात 11 बजे यमुना का जलस्तर बढ़कर 208.08 मीटर हो गया था. इससे पहले साल 1978 में यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर तक जा पहुंचा था, जिसके चलते 45 साल पहले दिल्ली में भीषण बाढ़ आई थी.

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इस बार यमुना के जलस्तर ने इस रिकार्ड तोड़ दिया है. बाढ़ के खतरे को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने निचले इलाकों को खाली करने की चेतावनी जारी की है. जिन इलाकों में ज्यादा खतरा है उनमें बोट क्लब, मोनेस्ट्री मार्केट, पुराने रेलवे ब्रिज के पास नीली छत्री मंदिर, यमुना बाजार, गीता घाट, नीम करोली गौशाला, विश्वकर्मा और खड्डा कॉलोनी, गढ़ी मांडू, मजनू का टीला से वजीराबाद तक का क्षेत्र शामिल है.

वहीं, केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार रात 10 से 11 बजे के बीच स्तर यमुना का जलस्तर 207.72 मीटर तक पहुंचना था, लेकिन ये पहले ही इस डेंजर लेवल को पार कर चुका है. अधिकारियों के मुताबिक पिछले 2 दिनों में दिल्ली में ज्यादा बारिश नहीं हुई है, लेकिन अधिकांश पानी हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से आ रहा है. 

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केंद्रीय जल आयोग (CWC) के फ्लड मॉनीटरिंग (बाढ़-निगरानी ) पोर्टल के मुताबिक बुधवार सुबह 4 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर जलस्तर 207 मीटर के निशान को पार कर गया, जो कि साल 2013 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है. जबकि यह रात 11 बजे बढ़कर 208.05 मीटर पर पहुंच गया था. इसके गुरुवार सुबह 8 बजे तक 208.30 तक पहुंचने की संभावना है. हालांकि यमुना का जलस्तर सुबह 5 बजे तक पल्ला गांव में 212.70 मीटर तक पहुंच गया है.

दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर से हालात बेकाबू होने लगे हैं (फोटो- PTI)

दुकानों और घरों में घुसा यमुना का पानी
 

यमुना का जलस्तर बढ़ने पर डूब क्षेत्र में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है. लिहाजा यहां रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में शिफ्ट कर दिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि मजनूं का टीला और वज़ीराबाद के बीच के हिस्से सहित रिंग रोड के कुछ हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात बाधित हो गया हैं. वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपने घर खाली करने और वहां चले जाने का आग्रह किया है. वहीं IMD ने अगले 2 दिन में उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से CM की अपील

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सीएम केजरीवाल ने कहा कि मैं निचले इलाकों में रहने वाले सभी लोगों से वहां से हटने का आग्रह करता हूं क्योंकि जल स्तर अचानक बढ़ जाएगा और आपका जीवन खतरे में पड़ सकता है. वहीं केजरीवाल ने केंद्र से यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया कि यमुना का स्तर और न बढ़े.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में उन्होंने अनुरोध किया कि "यदि संभव हो तो हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से पानी सीमित गति में छोड़ा जाए". उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में बाढ़ की खबर से दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जाएगा. हमें मिलकर दिल्ली के लोगों को इस स्थिति से बचाना होगा.

इलाके में पानी भरने के बाद लोग सामान समेटकर सुरक्षित स्थान पर जाते हुए (फोटो- PTI)

आज इन इलाकों में बंद रहेंगे स्कूल

वहीं, नगर निकाय ने कहा कि दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण निचले इलाकों में स्कूल 13 जुलाई को बंद रहेंगे. शिक्षा विभाग ने कहा कि सिविल लाइंस जोन के निचले इलाकों में 10 स्कूल, शहादरा (दक्षिण) जोन में 6 स्कूलों और शहादरा (उत्तर) जोन में एक स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है. इन स्कूलों के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी

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दिल्ली में ऐसे बढ़ा यमुना का जलस्तर

पिछले तीन दिन में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. यह रविवार सुबह 11 बजे 203.14 मीटर से बढ़कर सोमवार शाम 5 बजे 205.4 मीटर हो गया था. जो कि उम्मीद से 18 घंटे पहले खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया. सोमवार की रात जलस्तर 206 मीटर को पार कर गया. जिससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा और सड़क और रेल यातायात के लिए पुराने रेलवे पुल को बंद कर दिया गया. वहीं बुधवार रात यह 208.8 मीटर तक पहुंच गया.

कई इलाकों में यमुना का पानी घरों और दुकानों में भर गया है (फोटो- PTI)

सीएम ने प्रभावित क्षेत्रों की बनाई लिस्ट

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बोट क्लब, मठ बाजार, पुराने रेलवे पुल के पास नीली छत्री मंदिर, यमुना बाजार, गीता घाट, विश्वकर्मा खड्डा कॉलोनी, गढ़ी मांडू, मजनू का टीला और वजीराबाद के बीच का इलाका, उस्मानपुर, बदरपुर खादर, डीएनडी, पुश्ता, मयूर विहार, जगतपुर में मुख्य यमुना रोड, सराय काले खां में भेलोपुर शमशान घाट, जैन मंदिर, ग्यासपुर, मिलेनियम डिपो के आसपास की झुग्गियों में निचले इलाके शामिल हैं.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में 50 बोट तैनात 

राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए 50 नावों की व्यवस्था की है. उन्होंने बताया कि पल्ला से ओखला बैराज तक नदी के प्रत्येक खंड पर दो-दो किलोमीटर की दूरी पर नावें तैनात की गई हैं.  

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हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है.  साथ ही कहा कि लोग बिजली लाइनों से दूर रहें और किसी भी जरूरत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करें.

विश्वकर्मा कॉलोनी में 5 हजार लोग प्रभावित

दिल्ली के बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के जैतपुर पार्ट-2 के विश्वकर्मा कॉलोनी में लगातार पानी बढ़ने का सिलसिला जारी है. इसके चलते यहां रहने वाले लोगों को स्कूल मंदिर और मदरसे में शिफ्ट किया जा रहा है. पानी बढ़ने से करीब 5000 लोग प्रभावित हुए हैं. बता दें विश्वकर्मा कॉलोनी में बुधवार सुबह से पानी चढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ था जो लगातार जारी है.

यमुना के बढ़ते जलस्तर से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है (फोटो- PTI)


कई इलाकों में घुसा पानी, बिजली आपूर्ति ठप

स्थानीय विधायक अजय महावर ने कहा कि पूर्वोत्तर दिल्ली के गढ़ी मेंडू और उस्मानपुर गांवों में बाढ़ का पानी चार फीट से अधिक बढ़ गया है. यहां रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका है. साथ ही सुबह करीब चार बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई. वहीं, मजनूं का टीला और कश्मीरी गेट समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी रिंग रोड तक पहुंच गया. यमुना किनारे के ग्रीन बेल्ट में पानी भर गया. दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बाढ़ के पानी को रिंग रोड में घुसने से रोकने के लिए रेत की बोरियां लगा दी हैं.

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(इनपुट- सुशांत, आशुतोष)

 

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