
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच खींचतान का सिलसिला लगातार जारी है. केजरीवाल सरकार आरोप लगा रही है कि उपराज्यपाल द्वारा अधिकारियों पर दबाव डालकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य से जुड़े बेसिक कामकाज में भी अड़ंगा डाला जा रहा हैं. इस बीच स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त टेस्ट नहीं हो रहे हैं.
दरअसल, बीते मंगलवार को दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने स्वास्थ्य विभाग के सभी चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर(CDMO) के साथ अहम बैठक की थी. बैठक में बताया गया कि फरवरी में ज्यादातर मोहल्ला क्लीनिक में टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, 'मोहल्ला क्लीनिक में टेस्ट के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, मगर मुफ्त टेस्ट होते रहें. वरना गरीब लोगों की परेशानी और बढ़ेगी'
बता दें कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार उपराज्यपाल, भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए चुनी हुई सरकार के कामकाज को ठप करने का आरोप लगा रहे हैं.
गुरुवार को दिल्ली विधानसभा सदन में भाषण देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब से वीके सक्सेना दिल्ली के एलजी बने हैं, तब से दिल्ली के अंदर ढेर सारे रूटीन के काम बंद होते जा रहे हैं. इन्होंने चलती हुई बस मार्शल स्कीम बंद कर दी. ऐसे एक नहीं बल्कि कई कामों को बंद कर दिया गया. इससे पहले वाले एलजी हमें नए काम नहीं करने देते थे. हम कहते थे कि हम दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे, वो नहीं लगाने देते थे.
केजरीवाल ने कहा कि हम मोहल्ला क्लीनिक बनाने के लिए बोलते थे, तो वो कहते थे कि नहीं बनाने देंगे. लेकिन दिल्ली में दवा, पानी और टेस्ट की पूरानी व्यवस्था को उन्होंने नहीं रोका. अब पिछले दो सालों से दिल्ली के लोगों की लाइफ लाइन से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं को बंद किया जा रहा है. जबकि ये लोगों की मूलभूत जरूरतें हैं. यह इसलिए किया जा रहा है, ताकि आम आदमी पार्टी को बदनाम किया जा सके. अब यह ट्रैंड बन गया है. भाजपा वाले पहले एलजी से स्कीमों को बंद करवाते हैं, फिर हमें गाली देते हैं कि केजरीवाल से चल नहीं रहा है.
आम आदमी पार्टी ने आधिकारिक रूप से बयान जारी कर आरोप लगाया कि एलजी ने दिल्ली में पहले से चल रही इन योजनाओं को बंद किया है-
1. एमसीडी चुनाव से ठीक पहले मोहल्ला क्लीनिकों की दवाइयां बंद कर दी.
आम आदमी पार्टी के मुताबिक अक्तूबर 2022 से दिसंबर 2022 के बीच सारे मोहल्ला क्लीनिक के टेस्ट बंद करवा दिए गए. उनकी दवाइयां, रेंट और बिजली की पेमेंट बंद करवा दी गई, सारे डॉक्टरों की तनख्वाह रोक दी गई. ये काम अक्तूबर 2022 से दिसंबर 2022 के बीच यानि दिल्ली में एमसीडी चुनाव से ठीक पहले किया गया.
2. अस्पतालों से डेटा एंट्री ऑपरेटर हटा दिए
आम आदमी पार्टी के मुताबिक सितंबर 2023 से फरवरी 2024 के बीच में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी के काउंटर पर जो डेटा एंट्री ऑपरेटर बैठे थे, एक आदेश जारी करके उन सबको नौकरी से हटा दिया. अब अस्पतालों में मरीजों का रजिस्ट्रेशन करने के लिए खिड़की पर कोई बैठा हुआ नहीं मिलता. हालांकि ये सब दोबारा चालू करवाए गए हैं.
3. सात महीने से दिल्ली जल बोर्ड का फंड रोक रखा है
आम आदमी पार्टी के मुताबिक पिछले 7 महीने से वित्त विभाग ने दिल्ली जल बोर्ड के फंड रोक रखा है. जबकि सदन ने यह फंड पास किया था. एलजी साहब जल बोर्ड को फंड नहीं देने दे रहे हैं. दिल्ली में जगह-जगह सीवर की समस्या हो रही है. दिल्ली के अंदर जरूरी मेंटेनेंस खत्म हो गया है. ये लोग दिल्ली की जनता को पानी और सीवर के लिए तरसा रहे हैं. हम इस मामले को हाईकोर्ट लेकर गए. एक माह पहले ही कोर्ट ने वित्त सचिव को फंड जारी करने का आदेश दिया था. लेकिन अभी तक फंड नहीं दिए हैं.
4. डीटीसी पेंशनर्स की पेंशन रोक दी
आम आदमी पार्टी के मुताबिक डीटीसी के पेंशनरों को हर महीने पेंशन मिलती थी. हमारी सरकार बनने के बाद 7-8 साल में उन्हें कभी दिक्कत नहीं हुई. लेकिन इन्होंने मई महीने से उनकी पेंशन रोक दी. पिछले महीने पेंशन दिलवाई गयी है.
5. फरिश्ते योजना भी बंद कर दी
आम आदमी पार्टी के मुताबिक दिल्ली सरकार की फरिश्ते स्कीम को भी रोक दिया. इसमें दिल्ली की सीमा के अंदर कहीं भी अगर किसी के साथ सड़क दुर्घटना होती है तो वो दिल्ली के किसी भी सरकारी या प्रीइवेट अस्पताल में अपना इलाज करवा सकता है और उसका सारा खर्चा सरकार देती है. इस योजना से अबतक 23 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई है. लेकिन एलजी साहब ने यह स्कीम भी बंद करवा दी.