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Delhi में अजब-गजब चोरी: ट्रैफिक पुलिस बनकर आंखों के सामने से उठाते थे कार, भाड़े पर ले रखी थी क्रेन

Delhi Police: 29 साल का अजय इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड था. दरअसल, अजय ने COVID शुरू होने के पहले ही अपने दोस्तों से कर्ज लेकर एक GYM खोला था. लेकिन तभी लॉकडाउन लग गया और अजय को भारी नुकसान हो गया. दोस्त फिर अजय पर पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे. पूछताछ में सामने आया है कि इसी के बाद अजय ने कर चोरी करना शुरू कर दिया.  

(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली ,
  • 21 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST

Delhi News: साउथ वेस्ट जिला पुलिस ने चोरों के शातिर गैंग भंडाफोड़ किया है. एक चोर ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पहन लेता था, दूसरा चोर वाहन टो करने वाली क्रेन का ड्राइवर बन जाता था और फिर ये सरेआम महंगी कार को गलत पार्किंग या किसी भी कानून का हवाला देकर उठा ले जाते थे. पकड़ में आए आरोपी का नाम विकास है. विकास के अलावा दो स्क्रैप डीलर भी गिरफ्तार हुए हैं. जिनके यहां पर इन गाड़ियों को काटकर पार्ट्स बेच दिए जाते थे. 

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दरअसल, वसंत कुंज बी ब्लॉक के रहने वाले एक शख्स ने थाने में शिकायत दी कि 15 मई को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ड्रेस में आया एक युवक उनकी टोयोटा गाड़ी को क्रेन से उठा ले गया. थाने में गाड़ी मिली नहीं. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई. 

डीसीपी साउथवेस्ट जिला रोहित मीणा ने बताया. जिस जगह से गाड़ी चोरी की गई थी, वहां से उस क्रेन के रूट को लगातार स्कैन किया गया तो जांच में पता चला कि चोरी की कार को कंझावला के स्क्रैप डीलर के पास छोड़ा गया है. पुलिस ने पहचान करने के बाद जब क्रेन के ड्राइवर को पकड़ा तो पता चला कि एक युवक ने खुद को ट्रैफिक पुलिसवाला बताकर क्रेन बुक की थी. यह भी बताया कि टो करने के बाद कार को उसने कंझावला के एक स्क्रैप डीलर के गोदाम पर छोड़ा था.

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इसके बाद पुलिस टीम ने कंझावला इलाके में छापा मारा और महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया. महेंद्र के गोदाम से दिल्ली पुलिस को कार की सिर्फ बॉडी मिली, क्योंकि उसने इसके पार्ट्स को अलग-अलग करके बेच दिया था.

पूछताछ में महेंद्र ने बताया कि यह गाड़ी उसके पास चोरी करके कुसुमपुर पहाड़ी के रहने वाले अजय ने बेची थी. इसके बाद पुलिस टीम कुसुमपुर पहाड़ी पहुंची और वहां से 29 साल के अजय को गिरफ्तार कर लिया. अजय के पास से पुलिस ने वह ट्रैफिक पुलिस की वर्दी भी बरामद कर ली, जिसको पहनकर वह सारेआम लोगों की गाड़ी उठा लिया करता था. 

मोड्स ऑपरेंडी 
आरोपी अजय बेहद शातिर है. सबसे पहले तो आरटीओ से एप्लीकेशन के जरिए यह पता लगाता कि कौन-कौन से नंबर की गाड़ी कबाड़ हैं, फिर ये उन उनका लोकेशन पता करता था. चोरी के बाद ये महेंद्र को गाड़ी बेच देता था. फिर महेंद्र कार के पार्ट्स को रोशन को बेच देता था. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया है. 

मास्टरमाइंड अजय 
29 साल का अजय इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड था. दरअसल, अजय ने COVID शुरू होने के पहले ही अपने दोस्तों से कर्ज लेकर एक GYM खोला था. लेकिन तभी लॉकडाउन लग गया और अजय को भारी नुकसान हो गया. दोस्त फिर अजय पर पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे. पूछताछ में सामने आया है कि इसी के बाद अजय ने कर चोरी करना शुरू कर दिया.  

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बरामदगी
पुलिस ने इनके पास से तीन कारों के पार्ट्स और एक बाइक बरामद की है. फिलहाल आगे की जांच जारी है.  

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