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'सांस तक नहीं ले पा रहे...' गाजीपुर लैंडफिल साइट के धुएं से परेशान दिल्ली-नोएडा के लोगों की आपबीती

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल साइट पर रविवार शाम को भीषण आग लग गई, आग बुझाने का काम अभी भी जारी है. आग लगने की इस घटना को लेकर अब बीजेपी आम आदमी पार्टी की सरकार पर हमलावर हो गई है.

 गाजीपुर लैंडफिल में आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में धुंआ फैल गया है. गाजीपुर लैंडफिल में आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में धुंआ फैल गया है.
राम किंकर सिंह/अनमोल नाथ/सुशांत मेहरा
  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 1:30 PM IST

पूर्वी दिल्ली में गाजीपुर ‘लैंडफिल’ स्थल (कचरा एकत्र करने का स्थान) पर रविवार शाम लगी आग स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. आसपास का पूरा क्षेत्र बदबू एवं धुएं से भर गया. आग इस कदर भीषण रही कि धुएं का गुबार आसमान छू रहा था. इस आग की वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं और लोगों को सांस लेने में घुटन हो रही है. यह धुंआ ना केवल दिल्ली बल्कि उससे सटे नोएडा और गाजियबाद के इलाकों तक फैल गया. 30 से जायदा गाडियां कल से अब तक आग पर काबू पाने में लगी हुई है..

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पूरी रात आग को बुझाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला है लेकिन अभी तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है और कई हिस्से अभी भी धधक रहे हैं.  फायर ब्रिगेड की 30 से ज्यादा गाडियां आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं. इसके अलावा अन्य उपकरणों की भी मदद ली जा रही है. 

दरअसल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के गाजीपुर और भलस्वा जैसे प्रमुख लैंडफिल साइट्स में आग लगना कोई नई बात नहीं है. हर साल जब गर्मी का मौसम आता है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तो लैंडफिल साइट नरक में तब्दील हो जाती है.

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परेशान लोगों ने बताई अपनी आपबीती
आग लगने से ना केवल दिल्ली के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं बल्कि गाजियाबाद और नोएडा तक के लोगों को दिक्कत हो रही है. स्थानीय निवासी नाज़रा ने बताया "मैं यहां रहती हूं और धुएं से आंखों में परेशानी हो रही है... हमें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है. पूरी कॉलोनी परेशान है." नोएडा के रहने वाले सुमित कहते हैं, 'मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही है. प्रशासन लापरवाही बरत रहा है...धुएं का बुजुर्गों पर गंभीर असर होगा.'

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एक स्थानीय निवासी ने बताया, "हम 1990 के दशक से इस समस्या का सामना कर रहे हैं. हम मधुमेह, बीपी, थायराइड और आंखों में जलन से जूझ रहे हैं. यहां तक कि छोटे बच्चे भी इससे पीड़ित हैं... आंखों में जलन हो रही है. हम बाहर नहीं जा पा रहे हैं... चाहे दिल्ली सरकार हो या केंद्र सरकार, हमारी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है .'

वहीं दिल्ली के एक स्थानीय शख्स ने बताया, 'आग के धुएं से हमें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. प्रदूषण के कारण हम बात नहीं कर पा रहे हैं...आग कल सुबह से ही जारी है. प्रशासन ने कुछ नहीं किया है." ..हम चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे का समाधान करे.'

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बीजेपी हुई आप पर हमलावर

इसे लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है. बीजेपी ने केजरीवाल सरकार और एमसीडी पर निशाना साधा है. बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली 'लंदन' तो नहीं बनी लेकिन कूड़े के पहाड़ों पर बार-बार लग रही आग लगता है राजधानी को राख बनाकर ही छोड़ेगी. अब बीजेपी नेता सुबह 9 बजे के बाद गाजीपुर मौके पर पहुंचेंगे और हालात का जायजा लेंगे. 

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लैंडफिल में लगी आग के बाद धुंए का गुबार

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने एक बयान में कहा कि लैंडफिल स्थल पर आग लगने के परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में धुआं फैल गया है, जिससे निवासियों और व्यवसायों को असुविधा हो रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2022 के एमसीडी चुनाव से पहले 31 दिसंबर,2023 तक इस लैंडफिल स्थल को खाली करने का वादा किया था, लेकिन कचरा हटाने के बजाय यहां और अधिक कचरा डाल दिया गया. वर्ष 2019 में गाजीपुर लैंडफिल स्थल की ऊंचाई 65 मीटर थी, जो कुतुब मीनार से केवल आठ मीटर कम थी.

उधर बीती रात दिल्ली के डिप्टी मेयर अली मोहम्मद इकबाल मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि गर्मी और मौसम में ड्राइनेस की वजह से आग लगी है. आग पर काबू पाने के लिए 5 एक्स्कवेटर और दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं. 

इसलिए हो रही है सियासत

 दरअसल राजधानी दिल्ली में 26 अप्रैल को दिल्ली नगर निगम के मेयर का चुनाव होना है और फिर 25 मई को लोकसभा के लिए चुनाव होना है. दिल्ली भाजपा के सूत्रों के अनुसार, वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएंगे और खास तौर पर उन लोगों के बीच जो इन विशाल कूड़ा डंप के नजदीक रहते हैं.कांग्रेस और आप दोनों ने ही इंडिया ब्लॉक के बैनर तले अपने संयुक्त उम्मीदवार उतारे हैं, ऐसे में भाजपा अपने विरोधियों पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है.

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रविवार को लगी थी लैंडफिल में आग

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जब केजरीवाल पहुंचे थे लैंडफिल साइट

साल 2022 के एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने तीनों लैंडफिल साइट को दिल्ली से खत्म करने की गारंटी दी थी. चुनाव में जीत हासिल करते हुए अरविंद केजरीवाल दलबल के साथ गाज़ीपुर लैंडफिल साइट का दौरा करने पहुंचे थे. आज दिल्ली के मुख्यमंत्री तिहाड़ जेल में है और बीजेपी के पास मौका है आम आदमी पार्टी पर सियासी दबाव बनाने और दिल्ली मेयर चुनाव में इसका सियासी फायदा भी लेने का. आम चुनाव के करीब 6 महीने बाद राजधानी दिल्ली में दिल्ली विधानसभा के चुनाव होने हैं. लिहाजा आग लगने की घटना से सियासी तापमान का बढ़ना तय है.

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