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विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने देश भर में अपने मूल स्थानों से 'जबरन पलायन' करने वाले हिंदुओं को लेकर सर्वे कराना शुरू किया है. वीएचपी ने इस अभियान को 'पलायन नहीं, पराक्रम' का नाम दिया है. वीएचपी का कहना है कि ये अभियान हिंदुओं को ऐसे संगठनों के खिलाफ सशक्त बनाने के लिए किया गया है जिनकी वजह से उन्हें अपने मूल स्थानों को छोड़ना पड़ा. वीएचपी ने यूपी के कैराना में हुई ऐसी घटना की पृष्ठभूमि में देश के 17 राज्यों में ऐसा सर्वे शुरू कराया है.
वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन के मुताबिक बंगाल में हिंदुओं के पलायन को लेकर सर्वे का काम पूरा हो चुका है. इसके नतीजे शनिवार को कोलकाता में जारी किए जाएंगे. सुरेंद्र जैन ने कहा कि देश में कम से कम 17 राज्य है, जहां से हिंदुओं को अपनी जन्मभूमि वाले स्थानों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. सुरेंद्र जैन ने इन राज्यों में जम्मू कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के नाम गिनाए.
ये पूछे जाने पर कि सर्वे की रिपोर्ट राज्यों में किसे पेश करेंगे तो सुरेंद्र जैन ने कहा कि हम राज्यपालों को ये रिपोर्ट पेश करेंगे क्योंकि हमें राज्यों में मौजूद सरकारों पर भरोसा नहीं है. सुरेंद्र जैन ने कहा, "हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर करने के अलावा उनकी लड़कियों को अपमानित किया जा रहा है, उनकी जमीन जबरन कब्जाई जा रही है, मंदिरों पर हमले हो रहे हैं, उन्हें अपने त्योहारों को नहीं मनाने दिया जाता, ये स्थिति ऐसे ही नहीं चलते रहने दी जा सकती."