
दिल्ली में शुक्रवार से लेन ड्राइविंग नियम लागू हो गया है. दिल्ली की सड़कों पर मनमाने तरीके ड्राइविंग करने वाले लोगों पर अब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग की पैनी नजर होगी. ट्रांसपोर्ट विभाग की यह पहली नजर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं बल्कि खास तौर पर भारी वाहनों पर भी होगी. आप सोच रहे होने आखिर ऐसा क्यों ?
अक्सर अपने दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी और क्लस्टर बसों को चलाने वाले ड्राइवर मनमाने तरीके से ड्राइविंग करते देखा होगा. बस लाइन में न चलने के कारण दिल्ली के कई इलाकों में सुबह और शाम के वक्त गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं जिससे लोगों को परेशानी तो होती ही है, साथ में प्रदूषण भी बढ़ता है. लेकिन अब क्लस्टर बसें, भारी वाहन और डीटीसी बस चलाने वाले ड्राइवर अगर गलती से बस को अपनी लाइन से हटकर कार लाइन में ले गए तो उनको 5000 हजार से लेकर 10 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ेगा.
आखिर क्या है निगम लागू करने की वजह
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों अपने आदेश में यह निर्देश दिया था कि बसें सिर्फ अपनी लाइन में ही चलें ताकि दिल्ली में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल सके. राजधानी दिल्ली में आज से भारी वाहनों के लिए नए नियम लागू हो गए हैं. नए नियम के मुताबिक भारी वाहन, बस और ट्रक तय लाइन में ही चलेंगे. अगर यह वाहन दूसरी लाइन में चलते दिखे या ओवरटेक करते दिखे तो पहली बार में 5000 हजार का जुर्माना देना होगा और उसके बाद अगर फिर से गलती दोहराई तो 10000 हजार तक का जुर्माना देना पड़ेगा. फिलहाल यह नियम 15 दिन तक के लिए सिर्फ भारी वाहनों पर ही लगेगा. उसके बाद यह सभी वाहनों पर इंप्लीमेंट होगा.
ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग की टीम ने की तैयारी
सड़कों पर नियम का पालन सही तरीके से हो सके, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी नियमों का पालन कराते नजर आएंगे. शुक्रवार से नियम लागू होने के बाद दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी बसों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली जिसके कारण जाम लग गया. यात्रियों को पैदल ही अपने दफ्तर जाना पड़ा. दिल्ली के नजफगढ़, द्वारका, आजादपुर इन तमाम इलाकों में सुबह के वक्त बसों की लंबी कतारें देखी गई.
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