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महादेव बेटिंग ऐप के मालिक को इंटरपोल ने दुबई में किया डिटेन, भारत लाने की प्रोसेस शुरू

महादेव बेटिंग ऐप केस में भारतीय एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में मास्टरमाइंड और कंपनी के मालिक सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल ने दुबई में हिरासत में ले लिया है. उसे भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.

Mahadev betting app owner Saurabh Chandrakar (File Photo) Mahadev betting app owner Saurabh Chandrakar (File Photo)
अरविंद ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 11 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 10:34 AM IST

महादेव बेटिंग ऐप केस में भारत की जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. सूत्रों के मुताबिक बेटिंग ऐप के मालिक सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल ने डिटेन कर लिया है, जिसके बाद उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम महादेव ऐप के मालिक सौरभ चंद्राकर को एक हफ्ते के अंदर भारत लेकर आ सकती है.

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बताया जा रहा है कि इंटरपोल ने सीबीआई को सूचित किया है, जो नोडल एजेंसी है. बता दें कि इस मामले में ईडी ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. बता दें कि महादेव ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर का D कंपनी (दाऊद इब्राहिम) से भी कनेक्शन है. देश के कई राज्यों में महादेव ऐप के खिलाफ केस दर्ज है. ED में भी ऐप को लेकर शिकायत दर्ज की गई है. बता दें कि इससे पहले दिसंबर 2023 को भी सौरभ चंद्राकर को दुबई में हिरासत में लेने के बाद 'घर में नजरबंद' किया गया था.

केंद्र ने महादेव बेटिंग ऐप पर लगाया बैन

केंद्र सरकार ने 5 नवंबर 2023 को महादेव बेटिंग ऐप समेत अवैध सट्टेबाजी वाले 22 ऐप और वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया था. ED की सिफारिशों के बाद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम की धारा 69ए के तहत आदेश जारी किए गए थे. महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब सुर्खियों में आया था, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक 'कैश कूरियर' के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे. हालांकि, बघेल ने आरोपों को खारिज किया था.

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ईडी ने 8 नवंबर को दर्ज किया था केस

महादेव बेटिंग ऐप और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर मुंबई पुलिस ने 8 नवंबर 2023 को केस दर्ज किया था. आरोपियों पर चीटिंग करने और जुआ खिलाने के आरोप लगे थे. इस मामले में माटुंगा पुलिस थाने में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत 30 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज हुआ था, जिसे बाद में मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा गया और बाद में इसकी जांच के लिए एक एसआईटी बनाई गई. दरअसल, इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता ने निचली अदालत में याचिका दायर की थी. इसमें ऐप और इसके प्रमोटर्स के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माटुंगा पुलिस को केस दर्ज करने को कहा था. पुलिस ने बताया कि सौरभ, रवि आदि के खिलाफ FIR दर्ज की गई. FIR के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों को करीब 15 हजार करोड़ का चूना लगाया है.

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