Advertisement

दिल्ली शराब घोटाला: 14 घंटे रेड, सिसोदिया के करीबियों से दिनभर CBI की पूछताछ, अब तक क्या-क्या हुआ?

दिल्ली के शराब घोटाले ने राजधानी की सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है. स्थिति ऐसी है कि मनीष सिसोदिया के घर रेड पड़ चुकी है, उनके करीबियों से पूछताछ हुई है और आने वाले दिनों में और भी कई नाटकीय मोड़ आ सकते हैं. इस सब के अलावा आम आदमी पार्टी ने इस पूरे विवाद को 2024 के लोकसभा चुनाव से जोड़ दिया है, इसे केजरीवाल बनाम मोदी की लड़ाई बना दिया है.

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (पीटीआई) डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 6:48 AM IST
  • आप की रणनीति- 2024 के चुनाव की हो रही है तैयारी
  • मोदी बनाम केजरीवाल नेरेटिव, बीजेपी का भ्रष्टाचार पर फोकस
  • सीबीआई पूछताछ जारी, सिसोदिया की जल्द आ सकती है बारी

दिल्ली का शराब घोटाला आम आदमी पार्टी सरकार के लिए बड़ा सिर दर्दी बन गया है. जो मामला शुरुआत में सिर्फ एलजी बनाम केजरीवाल तक सीमित दिखाई पड़ रहा था, अब सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया तक आंच पहुंच गई है और कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. इस पूरे मामले के कई पहलू हैं, कई किरदार हैं और एक ऐसी राजनीति है जिसके तार सीधे-सीधे 2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़ रहे हैं.

Advertisement

सिसोदिया के घर 14 घंटे रेड

शराब घोटाले के पूरे घटनाक्रम की बात करें तो इसकी शुरुआत शुक्रवार सुबह से हो गई थी. सीबीआई ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर रेड डाली. उनके साथ-साथ कई दूसरे सरकारी अधिकारियों के घर पर भी छापेमारी चली. ये दौर पूरे 14 घंटे तक चलता रहा. इस रेड के दौरान सीबीआई ने कई दस्तावेज जमा किए, बताया गया कि कुछ तो वो सीक्रट डॉक्यूमेंट्स थे जो किसी भी सरकारी अधिकारी के आवास पर नहीं होने चाहिए थे. जांच का दायरा आगे बढ़ा तो जांच एजेंसी ने सिसोदिया की गाड़ी तक की जांच कर डाली. जब 14 घंटे बाद ये रेड खत्म हुई, तो सीबीआई अपने साथ मनीष सिसोदिया का फोन ले गई, लैपटॉप भी जब्त कर लिया गया और उनके ईमेल डेटा को भी सिक्योर किया गया.

Advertisement

पहले दिन छानबीन, दूसरे दिन पूछताछ

अब पहले दिन की सीबीआई कार्रवाई ने अगले दिन की भूमिका तैयार कर दी थी. रेड का दौर समाप्त हुआ था, ऐसे में अगला कदम पूछताछ होना था. सवाल सिर्फ ये था कि सीबीआई सबसे पहले मनीष सिसोदिया से पूछताछ करेगी या फिर उनके करीबियों को बुलाया जाएगा. शनिवार सुबह सीबीआई ने उम्मीद के मुताबिक अपनी पूछताछ शुरू की. मनीष सिसोदिया के उन करीबियों को सवाल-जवाब के लिए बुलाया गया, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कमीशन लेने के बदले शराब व्यापारियों को लाइसेंस दिए. उन करीबियों से 12 घंटे तक लगातार पूछताछ हुई, दस्तावेजों के आधार पर कई सवाल दागे गए, अब क्या जवाब दिए गए, सीबीआई का क्या काउंटर रहा, अभी तक इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

सीबीआई की FIR ने तैयार की आगे की भूमिका

लेकिन शुक्रवार को सीबीआई ने इस मामले में जो FIR दर्ज की थी, उससे जांच एजेंसी के सवालों का अंदाजा लगाया जा सकता है. FIR कॉपी में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी माना है. ऐसे में इस केस में उनकी भूमिका को लेकर सबसे ज्यादा संदेह है. FIR कॉपी का दूसरा पहलू सिसोदिया के ही करीबियों से जुड़ा हुआ है. FIR कॉपी से पता चलता है कि अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अरुण पांडे शराब व्यापारियों से कमीशन लिया करते थे. कमीशन के बदले में ही लाइसेंस दिया जाता था. ऐसे में सिसोदिया के ये करीबी पूछताछ के दौरान क्या जवाब देते हैं, ये काफी मायने रखने वाला है क्योंकि उसी के आधार पर डिप्टी सीएम से आगे सवाल दागे जा सकते हैं.

Advertisement

सिसोदिया पर आरोप गंभीर, सच कितना?

अभी तक तो मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनसे भी सवाल किए जाएंगे. राजधानी की सियासत में वो एक बड़ी घटना साबित हो सकती है. अभी के लिए मनीष सिसोदिया पर बडे़ आरोपों की बात करें तो पहला तो ये कि Private Vendors को 144 करोड़ 36 लाख रुपये का फायदा पहुंचाया गया तो वहीं दूसरा आरोप ये है कि उन्होंने कैबिनेट को भरोसे में लिए बिना और उप-राज्यपाल के बिना फाइनल अप्रूवल के कई बड़े फैसले लिए.

आप की 2024 वाली रणनीति डीकोड

अब इस पूरे विवाद पर आम आदमी पार्टी के नेताओं की जो प्रतिक्रिया रही है, उसने जमीन पर समीकरण को काफी हद तक बदलने का काम किया है. हर नेता इस समय मनीष सिसोदिया को तो डिफेंड कर रहा है, लेकिन साथ में ये भी कह रहा है कि 2024 में मुकाबला मोदी बनाम केजरीवाल का होने वाला है. विपक्ष की कोई बैठक नहीं हुई है, केजरीवाल के नाम पर किसी ने मुहर भी नहीं लगाई है, लेकिन इस सीबीआई कार्रवाई के बाद से ही आम आदमी पार्टी इस नेरेटिव को लेकर मिशन मोड में आ चुकी है. इसकी शुरुआत शुक्रवार को सबसे पहले राघव चड्ढा ने कर दी थी जब उन्होंने कहा था कि बीजेपी केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है. उनकी ये घबराहट बताने के लिए काफी है कि 2024 के चुनाव में मोदी बनाम केजरीवाल का मुकाबला होने वाला है.

Advertisement

राघव चड्ढा ने तो सिर्फ एक बयान दिया था, लेकिन पार्टी ने इसे ही अपनी रणनीति का हिस्सा बना लिया और फिर देखते ही देखते शराब घोटाले को गुजरात चुनाव से लेकर 2024 की लड़ाई तक जोड़ दिया गया. खुद मनीष सिसोदिया ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि इनकी परेशानी भ्रष्टाचार है ही नही, इनकी परेशानी है अरविंद जी, जिनके बारे में आज देशभर में चर्चा हो रही है, कि 2024 में एक मौका केजरीवाल को दिया जाए. इसलिए, झूठे आरोप में केजरीवाल जी के शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को जेल में डालने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. ये कितनी भी कोशिश कर ले, कितने भी षड्यंत्र रच ले, 2024 का चुनाव नरेंद्र मोदी जी और अरविंद केजरीवाल जी के बीच ही होगा.

बीजेपी भुना रही भ्रष्टाचार का मुद्दा

अब आप के नेता तो इस नेरेटिव पर खेलते रहे, लेकिन बीजेपी ने भी भ्रष्टाचार का मुद्दा दबने नहीं दिया. आप ने इस मामले में जितनी बार 2024 का जिक्र किया, बीजेपी ने भी उतनी ही बार आम आदमी पार्टी और मनीष सिसोदिया की ईमानदारी पर सवाल उठाए. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से लेकर बीजेपी के ही नेता प्रवेश वर्मा तक ने मीडिया के सामने अपने विचार रखे, इस मामले पर बड़े बयान दिए और सीधे-सीधे केजरीवाल और सिसोदिया पर अपना निशाना रखा. शनिवार को मीडिया से बात करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीबीआई ने अपनी FIR में जिन वेंडर का नाम लिया है, उसके रिश्ते मनीष सिसोदिया के साथ हैं. उनकी तसवीरें हम सामने रख रहे है. इनके रिश्ते सौरव भारद्वाज ओर आतिशी के साथ है. उनके कहने पर ही उन्हें ठेके दिये गए. 

Advertisement

इस बयान के बाद प्रवेश वर्मा ने संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज पर भी राजनीतिक कटाक्ष किया. कहा गया कि ये दोनों ही सिसोदिया को जेल भिजवाना चाहते हैं, क्योंकि जैसे ही वो पद खाली होगा, इन दोनों को ही बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी. अब ये राजनीतिक बयानबाजी तो आने वाले दिनों में भी जारी रहने वाली है, आगे भी ऐसे ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिलेगा. देखना सिर्फ इतना रहेगा कि ये शराब घोटाले से मनीष सिसोदिया खुद को मुक्त कर पाते हैं या वे कानून के शिकंजे में फंसते चले जाते हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement