
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज की है. एमसीडी के 250 वार्डों में से आम आदमी पार्टी 132 सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है जबकि बीजेपी को 104 सीटें मिलती दिख रही. कांग्रेस मुश्किल से दहाई का आंकड़ा छू पाई है. केजरीवाल की इस लहर में भी आम आदमी पार्टी मुस्लिम इलाकों में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी.
आम आदमी पार्टी के मुस्लिम चेहरा अमानतुल्लाह खान और दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन के इलाके में मुसलमानों ने केजरीवाल को अहमियत नहीं दी. सीएए-एनआरसी के खिलाफ आंदोलन वाले इलाके में भी आम आदमी पार्टी को मुस्लिमों ने नकार दिया है. आम आदमी पार्टी को सिर्फ पुरानी दिल्ली के इलाके के मुस्लिमों ने ही वोट दिया है, जिसके चलते वह जामा मस्जिद और बल्लीमरान के इलाके में जीत दर्ज कर सकी है.
अमानतुल्लाह के इलाके में AAP साफ
आम आदमी पार्टी का मुस्लिम चेहरा और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान के ओखला विधानसभा क्षेत्र के तहत पांच पार्षद सीटें आती है. इसमें मदनपुर खादर ईस्ट, मदनपुर खादर वेस्ट, सरिता विहार, अबुल फजल एनक्लेव और जाकिर नगर वार्ड हैं. आम आदमी पार्टी का पूरी तरह से ओखला क्षेत्र की सीटों पर सफाया हो गया है. ओखला की पांच में से दो वार्डों में कांग्रेस जीती है तो दो बीजेपी के खाते में गई हैं. इसके अलावा एक सीट ही आम आदमी पार्टी को मिली है.
मदनपुर खादर वेस्ट सीट से बीजेपी के ब्रह्म सिंह बिधूड़ी और सरीता विहार से नीतू मनीष जीती हैं. अबुफजल वार्ड से कांग्रेस की अरीबा खान और जाकिर नगर से नाजिया दानिश जीती हैं. मदनपुर खादर ईस्ट वार्ड से AAP के प्रवीण कुमार आगे चल रहे हैं. इसी इलाके में शाहीन बाग आता है, जहां पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने सीएए-एनआरसी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था.
ताहिर हुसैन के वार्ड से AAP हारी
दिल्ली दंगों के आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन जेल में बंद हैं, लेकिन सभी की निगाहें उनकी नेहरू विहार वार्ड नंबर 244 पर लगी हैं. नेहरू विहार सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी मो. अलीम और बीजेपी प्रत्याशी अरुण सिंह भाटी के बीच कांटे की टक्कर रही. आम आदमी पार्टी तीसरे नंबर पर रही. नेहरू विहार के मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी को पूरी तरह से नकार दिया है, जिसकी एक बड़ी वजह दिल्ली दंगे के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल की खामोशी रही. इतना ही नहीं केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को भी पार्टी से बाहर कर दिया था.
बता दें कि फरवरी 2020 में संशोधित सीएए के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़पों ने सांप्रदायिक दंगों का रूप ले लिया था. इस दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. दंगों में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शिव विहार, मुस्तफाबाद, सीलमपुर, भजनपुरा, विजय पार्क, यमुना विहार और मौजपुर के इलाके थे. इन इलाकों में आम आदमी पार्टी को करारी मात खानी पड़ी है. मुस्लिम समुदाय ने आम आदमी पार्टी की जगह कांग्रेस को पसंद किया तो हिंदू समुदाय ने बीजेपी को वोट दिया.
दंगे प्रभावित सीटों के नतीजे
मुस्लिम बहुल सीलमपुर वार्ड पर निर्दलीय उम्मीदवार हज्जन शकीला ने जीत दर्ज की है. इस सीट पर आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट ने चुनाव लड़ने से पीछे हट गया था और निर्दलीय शकीला को समर्थन किया था. कांग्रेस की मुमताज को मात दिया है. सीलमपुर इलाके की चौहान बांगर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी शागुफ्ता चौधरी जीती हैं, जहां वो आम आदमी पार्टी की आसामा बेगम को मात दी है.
मुस्तफाबाद वार्ड नंबर 243 से कांग्रेस की सबीला बेगम ने जीत दर्ज की है. बृजपुरी वार्ड नंबर 245 से कांग्रेस की नाजिया खातून आगे चल रही हैं और आम आदमी पार्टी की अरफीन नाज पीछे हैं. घोंडा पार्षद सीट पर बीजेपी की प्रीति गुप्ता आगे चल रही है. इसी वार्ड में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा मतदाता है. दिल्ली में दंगा भड़काने का आरोप कापिल मिश्रा पर भी मुस्लिम समुदाय ने लगाया था.
मौजपुर वार्ड से बीजेपी प्रत्याशी अनिल गौड़ ने जीत दर्ज की है. गौड़ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे और एक बार फिर से पार्षद बनने में कामयाब रहे. यमुना विहार वार्ड में बीजेपी के प्रमोद गुप्ता बढ़त बनाए हुए हैं. इससे पहले भी वो पार्षद रहे हैं. ऐसे ही कर्दमपुरी में बीजेपी और करावलनगर में बीजेपी आगे चल रही है. दयालपुर वार्ड में बीजेपी आगे जारी है.
वहीं, गोकुलपुरी सीट पर आम आदमी पार्टी आगे चल रही है तो ब्रह्मपुरी वार्ड में भी आम आदमी पार्टी के छाया गौरव शर्मा, भजनपुरा में AAP की रेखा रानी और श्रीराम कालोनी वार्ड नंबर 246 से आम आदमी पार्टी के मोहम्मद आमिल मलिक आगे चल रहे हैं. सुभाष मोहल्ला में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है.