
दिल्ली के जंगपुरा इलाके में 65 साल के सीनियर डॉक्टर योगेश चन्द्र पॉल की हत्या के मामले को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है. दिल्ली पुलिस ने डॉक्टर की हत्या के मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. इस हत्याकांड में 24 साल पुरानी नौकरानी की भूमिका भी सामने आई है.
डॉक्टर की हत्या को लेकर साउथ ईस्ट के डीसीपी राजेश देव ने कहा, '10 मई को हमें फोन आया कि एक शख्स की हत्या कर दी गई है, हम मौके पर पहुंचे तो पता चला सीनियर डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल की हत्या कर दी गई और घर में लूटपाट की घटना को भी अंजाम दिया गया है.
पीछे के दरवाजे से घुसे थे कातिल
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि डॉक्टर योगेश दोपहर 1:31 बजे के आसपास क्लिनिक से निकले और घर पहुंचे. इस दौरान दो लोगों ने उनका पीछा किया और घर में प्रवेश किया, बीच में एक और व्यक्ति घर में घुस गया.
अधिकारी ने बताया कि 3 लोग लगभग 3:05 बजे घर से बाहर चले गए, उनकी पत्नी डॉक्टर नीना पॉल को अपने पति डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल का शव मिला और उनके हाथ बंधे हुए थे. इतना ही नहीं डॉक्टर के गर्दन पर गला घोंटने के निशान थे.
डॉक्टर की हत्या में सात लोग शामिल
पुलिस के मुताबिक हत्या में कुल 7 लोग शामिल है, जिनमें 4 नेपाली नागरिक है ,आशंका है की चारों नेपाली नागरिक भारत छोड़कर भाग गए हैं, हत्याकांड की मास्टरमाइंड डॉक्टर पॉल की घरेलू नौकरानी बसंती है जो 24 साल से डॉक्टर के घर काम कर रही थी.
डीसीपी राजेश देव के मुताबिक साजिश में बसंती ने सबसे पहले अपनी दोस्त वर्षा को और हरिद्वार के रहने वाले विश्वरूप साईं को शामिल किया. विश्वरूप साईं ने 3 और नेपाली नागरिकों और हरिद्वार के बिल्ला घाट के पुजारी हिमांशु जोशी और उसके भाई आकाश जोशी को भी इस हत्याकांड में शामिल कर लिया.
5 दिन पहले से कर रहे थे रेकी
फिर 5 मई को हिमांशु, आकाश और विश्व साईं डॉक्टर की रेकी करने दिल्ली आए. दो दिन बाद 7 मई को पूरी टीम दिल्ली के सराय काले खां के होटल में रुकी और लगातार मृतक डॉक्टर के घर की रेकी करते रहे. इसके बाद हत्या और लूटपाट के प्लान को अंतिम रूप दिया गया.
10 मई को करीब डेढ़ बजे 5 लोग मृतक डॉक्टर की कोठी में पीछे के दरवाजे से दाखिल हुए. रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर के घर पहुंचने के बाद कातिलों ने सबसे पहले उनके कुत्तों को बाथरूम में बंद कर दिया. इसके बाद आरोपियों ने किचन में डॉक्टरों को रस्सी से एक कुर्सी पर बांध दिया और फिर पट्टे से गला घोंट कर उनकी हत्या कर दी.
15 किलो सोना लूटपाट की वजह
डॉक्टर की हत्या के बाद आरोपियों ने घर में लूटपाट और तोड़फोड़ शुरू कर दी थी. करीब 4 लाख कैश और 15 किलो सोना लूटकर सभी आरोपी 2- 2 के ग्रुप में निकल गए. वर्षा का पति भीम उसके साथ वहां से निकल गया.
जांच में सामने आया कि 63 साल की घरेलू नौकरानी बसंती का डॉक्टर दंपति ने पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था. हालांकि पुलिस को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से सुराग मिल गया था और बसंती, हिमांशु जोशी और आकाश पकड़े गए जबकि चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. मृतक डॉक्टर की पत्नी भी दिल्ली सरकार में डॉक्टर है.
पुलिस ने कहा कि अभी बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं. डीसीपी राजेश देव ने कहा कि इस हत्याकांड और लूटपाट में कुल 7 आरोपी थे, 5 मौके पर मौजूद थे और 2 लोगों ने इसकी पूरी प्लानिंग की थी.